पांडातराई के लवकेश पाण्डेय ने अर्जित की पीएच.डी. की उपाधि


पंडरिया।ब्लाक के पांडातराई निवासी लवकेश कुमार पाण्डेय ने हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करते हुए डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, करगी रोड, कोटा (छत्तीसगढ़) से पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की है। उनका शोध विषय था ‘कपिलनाथ कश्यप के साहित्य का सांस्कृतिक अनुशीलन’, जिसका निर्देशन विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. मंजू भट्ट ने किया। अपने शोध में लवकेश कुमार पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार कपिलनाथ कश्यप के साहित्य में निहित सांस्कृतिक चेतना, लोकपरंपराएँ, सामाजिक संरचना, धार्मिक आस्थाएँ और क्षेत्रीय अस्मिता का गहन एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपने शोध के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि कश्यप जी का साहित्य केवल धार्मिक आख्यानों का पुनर्पाठ नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकजीवन का सशक्त दस्तावेज है। “श्री राम कथा”, “श्री कृष्ण कथा” और “महाभारत कथा” जैसी कृतियों के माध्यम से कश्यप जी ने क्षेत्रीय भाषा को साहित्यिक प्रतिष्ठा प्रदान की — इस तथ्य को शोध में प्रमाण सहित स्थापित किया गया है।
लवकेश कुमार पाण्डेय साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता करते हुए अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं। उनके द्वारा ‘महाप्राण निराला’ तथा ‘श्यामलाल चतुर्वेदी पर समीक्षात्मक दृष्टि’ नामक पुस्तकें प्रकाशित की जा चुकी हैं !!
अपनी इस उपलब्धि को उन्होंने अपने पूज्य माता-पिताजी एवं बड़े पिताजी पंडित अशोक पाण्डेय के आशीर्वाद का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि परिवार के संस्कार और मार्गदर्शन ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुँचने की प्रेरणा दी।
इस उपलब्धि से पांडातराई सहित आसपास के क्षेत्र में हर्ष और गर्व का वातावरण है। परिवारजनों, मित्रों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।