पाटन। शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला गुजरा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के आदेशानुसार एवं अध्यक्ष, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के० विनाेद कुजूर एवं सचिव उमेश कुमार भागवतकर के मार्गदर्शन में यह आयोजन हुआ। इस शिविर में थाना पाटन के स्टाफ स्कूल के अध्यापक अधिकार मित्र भी मौजूद रहे | विधिक जागरूकता शिविर में बताया गया कि मध्यस्थता विवादों को निपटाने की न्यायिक प्रक्रिया से भिन्न एक वैकल्पिक प्रक्रिया है, जिसमें एक तीसरा स्वतंत्र व्यक्ति मध्यस्थ दो पक्षों के बीच अपने सहयोग से उनके सामान्य हितों के लिए एक समझौते पर सहमत होने के लिए उन्हें तैयार करता है। इस प्रक्रिया में लचीलापन है और कानूनी प्रक्रियागत जटिलताएं नहीं है। इस प्रक्रिया में आपसी मतभेद समाप्त हो जाते हैं अथवा कम हो जाते हैं।
मध्यस्थता से होने वाले निम्नलिखित लाभों के बारे में बताया गया । घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के संबंध में जानकारी दी गई l पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के संबंध में जानकारी दी गई । नालसा (नशा पीड़ितों का विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन) लोगो को नशा मुक्त जीवन जीने हेतु प्रोत्साहित किया गया । कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (राेकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 के संबंध में जानकारी दिया गया l इस अवसर पर अधिकार मित्र यशवंत साहू, परमेश्वर लोधी सहित स्कूल के स्टाफ भी मौजूद रहे।







