पाटन। पाटन विधानसभा क्षेत्र में संचालित शराब दुकानों में इन दिनों कई ग्राहकों को अपने पसंदीदा ब्रांड की शराब नहीं मिल पा रही है। पसंदीदा ब्रांड उपलब्ध नहीं होने से मदिरा प्रेमियों में नाराजगी और निराशा का माहौल दिखाई दे रहा है।

शराब खरीदने दुकानों तक पहुंचने वाले ग्राहकों का कहना है कि पसंदीदा ब्रांड की मांग करने पर कई बार उन्हें उपलब्ध स्टॉक में से ही कोई दूसरा ब्रांड लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में ग्राहकों को अपनी पसंद छोड़कर उपलब्ध विकल्प से समझौता करना पड़ रहा है।

कीमत पूरी, पसंद का ब्रांड गायब?

ग्राहकों का कहना है कि शराब की कीमत चुकाने के बावजूद यदि उनकी पसंद का ब्रांड ही उपलब्ध नहीं है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर दुकानों में ब्रांड की आपूर्ति और स्टॉक व्यवस्था किस आधार पर संचालित हो रही है। ग्राहकों के मुताबिक कुछ ब्रांडों की उपलब्धता लगातार प्रभावित होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आबकारी विभाग की निगरानी पर भी सवाल
पाटन क्षेत्र की शराब दुकानों में ब्रांडवार स्टॉक और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर अब आबकारी विभाग की निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या दुकानों में मांग के अनुरूप ब्रांड उपलब्ध कराने की कोई व्यवस्था है? यदि है, तो उसका पालन किस स्तर पर हो रहा है—यह जांच का विषय है।
उठ रहे प्रमुख सवाल
- पाटन क्षेत्र की शराब दुकानों में पसंदीदा ब्रांडों की नियमित आपूर्ति क्यों नहीं हो रही?
- किन ब्रांडों की सबसे ज्यादा कमी बताई जा रही है?
- दुकानों में प्रतिदिन ब्रांडवार कितना स्टॉक पहुंचता है?
- स्टॉक की निगरानी और सत्यापन कौन करता है?
- क्या ग्राहकों की मांग और बिक्री के आधार पर ब्रांड की आपूर्ति तय की जाती है?
- शिकायत मिलने पर आबकारी विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है?
अब सवाल यह है कि पाटन क्षेत्र में शराब दुकानों की ब्रांड उपलब्धता को लेकर आबकारी विभाग की वास्तविक स्थिति क्या है। यदि मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो रही है, तो इसके पीछे कारण क्या है?






