दुर्ग। जिले की सभी शासकीय मदिरा दुकानों के कर्मचारियों का नवंबर का वेतन भारी कटौती के साथ देने से आक्रोश फैल गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसी बीआइएस कंपनी ने बिना सूचना और सहमति के वेतन में पांच हजार से 10 हजार रुपये तक की कटौती की है। इसे अनुचित बताते हुए 28 दिसंबर तक भुगतान नहीं होने पर उग्र आंदोलन और 31 दिसंबर को मदिरा दुकानों को बंद रखने की चेतावनी दी है। सुपरवाइजर से लेकर मल्टी वर्कर तक प्रभावित कर्मचारियों के अनुसार नवंबर में सुपरवाइजर की सैलरी से 10 हजार रुपये, सेल्समैन की सैलरी से सात हजार रुपये, मल्टी वर्कर की सैलरी से पांच हजार रुपये की कटौती की गई है। सुपरवाइजरों का कहना है कि शासकीय एप सेवा सुविधा में जहां उनका वेतन 37,970 रुपये दर्शाया गया है, वहीं बीआइएस कंपनी द्वारा केवल 27,700 रुपये ही खाते में भेजे गए।
12-12 घंटे काम, फिर भी साप्ताहिक अवकाश नहीं:
कर्मचारियों ने बताया कि वे रोजाना 12 घंटे काम कर रहे हैं, इसके बावजूद न तो उन्हें नियमित साप्ताहिक अवकाश मिलता है और न ही ओवरटाइम का भुगतान किया जाता है। ऐसे में हर माह 1,500 से 2,000 रुपये की नियमित कटौती और अब हजारों रुपये की अतिरिक्त कटौती ने कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी है। बीआइएस कंपनी द्वारा कर्मचारियों को बताया है कि दुकानों में पड़े डेमरेज स्टाक के कारण सीएसएमएसीएल द्वारा कंपनी पर लगभग 80 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है, जिसकी रिकवरी कर्मचारियों की सैलरी से की जा रही है। कर्मचारियों ने बताया कि बीआइएस कंपनी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले चार महीनों तक सैलरी में कटौती जारी रहेगी। इससे कर्मचारियों में रोष और गहरा गया है।








