सहायक शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं का हो शीघ्र समाधान : विधायक अंबिका मरकाम

नगरी/सिहावा, बेलरगांव।सिहावा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-56 की विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में नियम 138(1) के अंतर्गत ध्यानाकर्षण सूचना प्रस्तुत कर प्रदेश के सहायक शिक्षकों की वर्षों से लंबित सात सूत्रीय मांगों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

विधायक श्रीमती मरकाम ने कहा कि प्रदेश के हजारों सहायक शिक्षक लंबे समय से वेतन विसंगति, सेवा गणना, पदोन्नति, टीईटी, एकल शिक्षकीय विद्यालयों, वीएसके (VSK) एप की तकनीकी समस्याओं तथा युक्तियुक्तकरण से उत्पन्न कठिनाइयों जैसी अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन मांगों के निराकरण में लगातार हो रही देरी के कारण शिक्षकों में व्यापक असंतोष व्याप्त है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा व्यवस्था एवं विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि शिक्षक संगठनों द्वारा सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जनप्रतिनिधियों को सौंपा गया है, जिसमें प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ, वेतन विसंगति का निराकरण, वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी संबंधी व्यावहारिक समाधान, पदोन्नति में वरिष्ठता का संरक्षण, वीएसके एप की तकनीकी त्रुटियों के कारण वेतन कटौती पर रोक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था तथा युक्तियुक्तकरण से प्रभावित विद्यालयों के सुचारु संचालन की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।

विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम ने सदन में यह भी उल्लेख किया कि राज्य शासन द्वारा समयमान वेतनमान एवं पदोन्नति वेतनमान से संबंधित आदेश जारी किए जाने के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसके कारण विभिन्न जिलों में शिक्षकों से विकल्प प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं, जबकि वेतन बैंड एवं प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता का अभाव है। इससे शिक्षकों में भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता का वातावरण बना हुआ है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि स्कूल शिक्षा विभाग शीघ्र स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि शिक्षकों की शंकाओं का समाधान हो सके और वे मानसिक तनाव से मुक्त होकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम ने राज्य सरकार से सहायक शिक्षकों की सभी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत मिल सके तथा विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण और अधिक सुदृढ़ हो सके।