पाटन: शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर इन दिनों केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के लिए बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती उम्र के कारण बुजुर्गों के अंगूठे के निशान (Fingerprints) मशीन से मैच नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनका केवाईसी अपडेट नहीं हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप उन्हें राशन मिलना बंद हो गया है। खाद्य विभाग द्वारा इस समस्या पर ध्यान न दिए जाने के कारण बुजुर्ग बार-बार राशन दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
ताजा मामला ग्राम पंचायत पंदर का है, जहाँ 86 वर्षीय बुजुर्ग महिला देरहीन बाई (पति रामाधार) का केवाईसी नहीं हो पा रहा है। इस तकनीकी समस्या के कारण उन्हें चावल और शक्कर जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थ नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
उल्लेखनीय है कि 0 से 5 वर्ष के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के अंगूठे के निशान मशीन स्वीकार नहीं कर रही है। केवाईसी अपडेट न होने की स्थिति में राशन वितरण प्रणाली बाधित हो रही है। पाटन ब्लॉक के लगभग सभी गांवों में यही स्थिति बनी हुई है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि खाद्य विभाग को इस गंभीर समस्या का तत्काल वैकल्पिक समाधान निकालना चाहिए।







