बालोद।सत्र न्यायालय बालोद के पीठासीन न्यायाधीश एस.एल. नवरत्न की अदालत ने एक महत्वपूर्ण एवं कठोर फैसला सुनाते हुए महिला की निर्मम हत्या करने तथा साक्ष्य छिपाने के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है।

क्या था पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार उक्त मामला बालोद जिले के थाना डौंडी लोहारा के अंतर्गत अपराध क्रमांक 19/2026 से संबंधित है। 16 जनवरी 2026 को आरोपी नेमीचंद साहू उर्फ नेमू (उम्र 29 वर्ष), निवासी ग्राम तरौद (भाठापारा थाना बालोद), ने ग्राम गुरमी स्थित नाला भेंजरा पठार के पास महिला कमला बाई राजपूत के सिर और चेहरे पर पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी ने कानूनी दंड से बचने के लिए साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। आरोपी ने मृतका के शव को पत्थरों से ढक दिया, खून से सने कपड़े साफ किए और मृतका के मोबाइल को तोड़ दिया ताकि कोई सुराग न मिल सके।

जांच और अदालती प्रक्रिया….
डौंडी लोहारा पुलिस द्वारा मामले की विवेचना के बाद 26 जनवरी 2026 को आरोपी नेमीचंद साहू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पत्थर, आरोपी के खून से सने कपड़े, बाइक (हीरो डीलक्स) और मृतका का टूटा हुआ मोबाइल व चूड़ियां बरामद कीं।

न्यायालय में लोक अभियोजक तोमन लाल साहू ने पैरवी करते हुए आरोपी को कठोरतम दंड देने की मांग की। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अनुशीलन करने के बाद आरोपी को दोषी पाया।
अदालत का दंड आदेश….
दिनांक 06 अक्टूबर 2026 को अदालत ने आरोपी नेमीचंद साहू को निम्नलिखित धाराओं में सजा सुनाई…
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) [हत्या]: आजीवन कारावास एवं ₹500 का अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 238 [साक्ष्य का विलोपन/छिपाना]: 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹200 का अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 2 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरोपी की दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।







