मनहरण दास ने खड़ी साज नाच में किया चिकारा वादन



  अंडा। फोटो।    छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं संस्कृति में चिकारा वादन एकदम से दुर्लभ हो गया है। अब छत्तीसगढ़ में इसके इक्के-दुक्के कलाकार यह गए हैं। ऐसे में चिकारा वादन की परंपरा को विलुप्त होने से बचाने की दृष्टि से जनजाति शोधार्थी एवं लोक संस्कृति कर्मी राम कुमार वर्मा के निरंतर प्रोत्साहन और मार्गदर्शन में कोलिहापुरी निवासी मनहरण दास बंजारे ने चिकारा निर्माण, मरम्मत एवं कुशलतापूर्वक वादन को अपने दैनिक जीवन में शामिल किया है। साथ ही लोकनाट्य की सबसे प्राचीन छत्तीसगढ़ी परंपरा ‘खड़ी साज नाच’ में भी वे कई मंडलियों में शामिल होते हैं। विगत दिनों पद्मश्री स्व. पुनाराम निषाद द्वारा गठित लोक कला मंच पंडवानी रिंगनी के आजीवन सदस्य राम कुमार वर्मा के साथ खड़ी साछ नाच सनौद में चिकारा वादन के सहभागी बने। उनके द्वारा चिकारा वादन के साथ ही पुरखों द्वारा गाए जाने वाले परमानंद, ब्रह्मानंद, मीराबाई, सूरदास, कबीर दास सहित संत बाबा गुरु घासीदास जी के लोकप्रिय चौका आरती से संबंधित भजनों का गायन खड़ी साज नाच में किया गया। इन्हें मुख्य अतिथि संगीता सिन्हा विधायक बालोद व कुंवर सिंह निषाद विधायक गुंडरदेही ने संयुक्त रुप से सम्मानित भी। चिकारा वादन को दर्शकों ने खूब सराहना की व विलुप्त होती कला को समृद्ध करने के लिए लोक कला मंच पंडवानी के अध्यक्ष पंडित राजकुमार पाण्डेय, उपाध्यक्ष हेमलाल साहू निर्मोही, सुंदर लाल पटेल, सचिव रोहित निषाद, सहसचिव जगन्नाथ निषाद, निदेशक चेतन देवांगन, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश निषाद, टोमीन बाई, कीर्ति निषाद सहित सभी सदस्यों ने हार्दिक बधाई दी।