भिलाई को अव्वल नंबर पर स्वच्छ शहर बनाने के लिए अनेक संस्था समितियों एवं नागरिकों ने ज्वाइन हैंड्स के तहत बढ़ाया हाथ


भिलाई। भिलाई शहर को अव्वल नंबर पर स्वच्छ शहर बनाने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (आईआईआईई) की भिलाई चेप्टर ने पहल किया है। इसके तहत इंस्टीट्यूशन के द्वारा सूर्या विहार रेसिडेंट एसोसिएशन, स्वामीनारायण इंटरनेशनल गुरूकुल स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाकर प्रथम चरण में सूर्या विहार कालोनी को प्रथम स्वच्छ कालोनी बनाने का संकल्प लिया गया है। इंस्टीट्यूशन के भिलाई चेप्टर के द्वारा इस कार्यक्रम को अपने केन्द्रीय अभियान “नई सोच-नया दौर” के अंतर्गत “स्वच्छ शहर एवं हरित पर्यावरण” कार्यक्रम को गुरूवार को गुरूकुल स्कूल सूर्या विहार कालोनी में आयोजित कार्यक्रम में लांच किया गया।
       कार्यक्रम के आरंभ में भिलाई चेप्टर के वाइस चेयरमैन घनश्याम कुमार देवांगन ने इंस्टीट्यूशन के उद्देश्य, रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी, हर वर्ग के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग तकनीक का उपयोग अभियान में करने हेतु आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूशन के पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में गुरूकुल स्कूल के स्टाफ एवं विद्यार्थियों के द्वारा स्कूल समय के बाद अतिरिक्त समय में छोटे छोटे समूह बनाकर सूर्या विहार कॉलोनी के प्रत्येक घर में नियमित रूप से संपर्क कर उन्हें सफाई, कचरा संकलन एवं कचरा निष्पादन में सहयोग करने और घर के आसपास को स्वच्छ बनाए रखने हेतु प्रेरित करेंगे। इस तरह आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कर कालोनी को स्वच्छ बनाने के लक्ष्य को पूरा करेंगे। इसके साथ ही भिलाई के अन्य कालोनियों में अन्य संस्था समितियों का सहयोग लेकर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान को मूर्त रूप दिया जाएगा। समय-समय पर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण पर केन्द्रित संगोष्ठी, रैली, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से जनजागरण किया जाएगा।
        इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन एवं भिलाई इस्पात संयंत्र के पूर्व अधिशासी निदेशक के. पटेल ने कहा कि इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग टेक्निक का उपयोग कर आजादी के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्ष 2047 तक भारत को दुनियां का सबसे विकसित राष्ट्र बनाने एवं चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाने की दिशा में रणनीति के तहत कार्य किया जाएगा। स्वामीनारायण इंटरनेशनल गुरूकुल स्कूल के प्राचार्य पलाश जायसवाल ने इस अभियान में स्वामीनारायण संस्थान एवं विद्यालय की ओर से हर संभव सहयोग करने का विश्वास दिलाया।
     इस अभियान में विभिन्न संस्था-समितियों, निकायों एवं आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसे ” ज्वाइन हैंड्स फॉर मेकिंग भिलाई क्लिन सिटी” का नारा दिया गया है।
      इसके साथ ही इन्डियन इनस्टिट्युशन ऑफ इन्डस्ट्रियल इंजीनियरिंग, भिलाई चैप्टर के द्वारा विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों को विभिन्न इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग तकनीकों का सैद्धांतिक और व्यवहारिक जीवन में उपयोग करने का ज्ञान देने का लक्ष्य रखा हुआ है, ताकि वे हर समस्या का समाधान बेहतर ढंग से निकाल सके। सूर्या विहार कॉलोनी की प्रेसीडेंट श्रीमती सुतापा दासगुप्ता देबनाथ ने कहा कि इस अभियान में कालोनी के प्रत्येक परिवार एवं व्यक्ति को जोड़कर सबकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। इसके तहत आईआईआईई भिलाई चेप्टर, गुरूकुल स्कूल एवं सूर्या विहार रेसिडेंट एसोसिएशन के सदस्यों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ कर सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
       अभियान के शुभारंभ अवसर पर इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग भिलाई चेप्टर के चेयरमैन के. पटेल, वाइस चेयरमैन घनश्याम कुमार देवांगन, सेक्रेटरी अवनीश दुबे, ट्रेजरार विवेक गुप्ता, एस. के. डोगरा, सुशील हरिरमानी, संतोष अग्रवाल , दीनामनी नायक, मनीष कुमार, सूर्या विहार रेसिडेंट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट श्रीमती सुतापा दासगुप्ता देबनाथ, राधा दुबे वाइस प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी एम. श्रीनिवास, दीपशिखा भटनागर, पी.के. तिवारी, गुरूकुल इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल पलाश जायसवाल, के.के. संतोष, श्रीमती के. पुष्पलता, शिक्षक स्टाफ एवं विद्यार्थी गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे । सभी ने एक दूसरे का हाथ पकड़ कर ज्वाइन हैण्ड्स अभियान को सार्थक बनाते हुए एकजुटता प्रदर्शित की और अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आरंभ उपस्थित सभी संस्था समिति के प्रतिनिधियों द्वारा सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया तथा कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान से हुआ।


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