रायपुर। छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग भवन, रायपुर में छत्तीसगढ़िय योग एवं छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के संयुक्त तत्वावधान में “भारतीय दर्शन में योग एवं गौ माता” विषय पर एक भव्य एवं गरिमामय व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अनंत श्री विभूति महामंडलेश्वर श्री 1008 मां योग योगेश्वरी जी (श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा) के छत्तीसगढ़ प्रथम आगमन के अवसर पर उनके मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में संत-महात्माओं एवं विद्वानों ने भारतीय संस्कृति में योग और गौ माता के महत्व पर गहन मंथन करते हुए इसे समाज के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक उत्थान का आधार बताया। वक्ताओं ने योग को स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र बताते हुए गौ संरक्षण को भारतीय परंपरा और आस्था से जोड़ते हुए अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जागरूक करने के साथ-साथ हमारी संस्कृति और परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल जी ने की। कार्यक्रम के संयोजक श्री राजीव लोचन श्रीवास्तव जी ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। वहीं विशेष अतिथि के रूप में श्री ओमप्रकाश देवांगन जी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में महात्यागी महंत रामसुंदर दास जी महाराज का सानिध्य भी प्राप्त हुआ, जिनके आशीर्वचन ने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत किया।







