दुर्ग।ब्रह्मांड अपने भीतर अनगिनत रहस्यों को समेटे हुए है। इन रहस्यों को समझने में वैज्ञानिकों के लिए कॉस्मिक किरणें यानी ब्रह्मांडीय किरणें एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक की भूमिका निभाती हैं। ये अत्यधिक ऊर्जा वाले कण अंतरिक्ष की गहराइयों से लंबी यात्रा तय करते हुए पृथ्वी तक पहुँचते हैं और अपने साथ ब्रह्मांड की चरम घटनाओं तथा उसके विकास से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत लेकर आते हैं।
इसी विषय को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के भौतिकी विभाग के डॉ. सुधानवा पात्रा ने बताया कि कॉस्मिक किरणों की यात्रा केवल अंतरिक्ष से पृथ्वी तक आने वाले कणों की यात्रा नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मांड के उन क्षेत्रों तक पहुँचने का माध्यम है, जहाँ अत्यधिक ऊर्जा वाली भौतिक प्रक्रियाएँ घटित होती हैं।डॉ. पात्रा के अनुसार, “कॉस्मिक किरणें ब्रह्मांड की एक ऐसी संदेश प्रणाली हैं, जो हमें उन प्राकृतिक प्रयोगशालाओं की जानकारी देती हैं जहाँ पृथ्वी पर उपलब्ध प्रयोगशालाओं से कहीं अधिक ऊर्जा पर कणीय प्रक्रियाएँ घटित होती हैं।”इस प्रकार कॉस्मिक किरणें केवल अंतरिक्ष से आने वाले अदृश्य कण नहीं हैं, बल्कि वे अरबों प्रकाश-वर्ष दूर घटित होने वाली घटनाओं के वैज्ञानिक संदेशवाहक हैं। इनके माध्यम से मानव ब्रह्मांड को केवल देख ही नहीं रहा, बल्कि उसके संदेशों को पढ़ने की दिशा में भी लगातार आगे बढ़ रहा है।

ये उदगार डॉ सुधानवा पात्रा ने शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के भौतिकी विभाग में फिजिक्स सोसायटी के उद्घाटन सत्र में कही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुधानवा पात्रा द्वारा
मल्टी-मैसेंजर एस्ट्रोफिजिक्स का सफ़र: प्रकाश, न्यूट्रिनो, कॉस्मिक किरणों और गुरुत्वाकर्षण तरंगों के ज़रिए ब्रह्मांड को सुनना विषय पर अत्यंत प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक खगोल भौतिकी की नई अवधारणाओं से परिचित कराया तथा प्रकाश, न्यूट्रिनो, कॉस्मिक किरणों एवं गुरुत्वाकर्षण तरंगों के माध्यम से ब्रह्मांड को समझने की आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति पर विस्तार से चर्चा की।


कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी अतिथियों एवं विशिष्टजनों का भव्य स्वागत किया गया। स्वागत स्वरूप सभी अतिथियों को पौधे भेंट किए गए, जो पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का संदेश देते हैं।

इसके पश्चात शैक्षणिक सत्र 2025–26 का वार्षिक प्रतिवेदन डॉ. अनीता शुक्ला द्वारा प्रस्तुत किया गया। वार्षिक प्रतिवेदन में भौतिकी विभाग की विभिन्न शैक्षणिक, शोध एवं अकादमिक उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। विभाग के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय रहा कि 8 विद्यार्थियों ने NET एवं SET परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की, जबकि 2 विद्यार्थियों ने CGPSC परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके अतिरिक्त 2 विद्यार्थियों को Ph.D. की उपाधि प्रदान की गई तथा 4 विद्यार्थियों द्वारा अपनी Ph.D. थीसिस जमा की गई। विभाग के शोध कार्यों को भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई और 12 शोध-पत्र प्रकाशित हुए। विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत कौर सलूजा को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा Best Teacher Award से सम्मानित किया गया। वहीं, IISc Benglore में आयोजित टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम में डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा और डॉ कुसुमांजलि देशमुख को Best Participant Award से सम्मानित किया गया। भौतिकी विभाग की छात्रा उपासना दिल्लीवार को तामस्कर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
इसके पश्चात भौतिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभाग एवं महाविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया तथा भौतिकी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रायोगिक ज्ञान के महत्व पर विशेष जोर दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भौतिकी विभाग की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने उल्लेख किया कि भौतिकी विभाग महाविद्यालय का उत्कृष्ट विभाग है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं विभाग को भौतिकी के क्षेत्र में निरंतर शोध करने तथा विज्ञान की नई संभावनाओं की खोज की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात फिजिक्स सोसायटी का गठन एवं औपचारिक उद्घाटन किया गया। सोसायटी के प्रेसिडेंट के रूप में एमएससी तृतीय सेमेस्टर के छात्र साहिल कुमार, वाइस प्रेसिडेंट के रूप में एमएससी. प्रथम सेमेस्टर के छात्र अनूप रॉय, सेक्रेटरी के रूप में बीएससी पंचम सेमेस्टर के छात्र सिद्धार्थ साहू तथा ज्वाइंट सेक्रेटरी के रूप में बी एस सी तृतीय सेमेस्टर के छात्र जागेश्वर साहू का चयन किया गया। इसी के साथ विद्यार्थियों द्वारा महाविद्यालय एवं भौतिकी विभाग की एक वर्ष की दृश्यात्मक यात्रा प्रस्तुत की गई। इसमें वर्षभर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों, कार्यक्रमों, आयोजनों तथा विभाग की उपलब्धियों को चित्रों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

मुख्य अतिथियों की प्रस्तुतियों से पूर्व मंच संचालकों द्वारा मुख्य अतिथियों के शैक्षणिक एवं अकादमिक जीवन, उनके शोध कैरियर की उपलब्धियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक एवं अनुसंधानात्मक योगदान से अवगत कराया गया।
उद्घाटन सत्र के पश्चात आई आई टी भिलाई से आये हुए
डॉ. आशुतोष कुमार, सहायक प्राध्यापक मैटिरियल साइंस और धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग ने हाई एंट्रॉपी ऑक्साइड्स, एंट्रॉपी-स्टेबलाइज़्ड फेज़ेज़ और उनके उभरते हुए गुणों के बारे में विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की और आधुनिक पदार्थ विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में इनके महत्व से अवगत कराया।
दोनों मुख्य अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं शोध संबंधी विकास को ध्यान में रखते हुए एमएससी. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए आई आई टी भिलाई की एकेडमिक विजिट और वहाँ से समर इंटर्नशिप करने तथा विभिन्न उन्नत प्रयोगशालाओं में प्रायोगिक कार्य एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने जैसे कई महत्वपूर्ण अवसर एवं प्रस्ताव दिए गए। इन अवसरों से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शोध वातावरण से परिचित होने तथा अपने व्यावहारिक एवं अनुसंधानात्मक ज्ञान को विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा।
कार्यक्रम में भौतिकी विभाग के प्राध्यापकगण डॉ. अनीता शुक्ला, डॉ. सीतेश्वरी चंद्राकर, डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, डॉ. कुसुमांजली देशमुख, डॉ. ममता परगनिहा, डॉ. बृजलता शर्मा एवं डॉ. दुर्गा वर्मा सहित विभाग के एम एस सी प्रथम और तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन एम एस सी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा निहारिका गुप्ता एवं एमएससी. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा धान्वी देवांगन द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में एमएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा चित्रकला साहू द्वारा मुख्य अतिथियों, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, समस्त प्राध्यापकों एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
दोनों मुख्य अतिथियों को प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष द्वारा स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों के साथ फोटो सेशन किया गया। इस प्रकार भौतिकी विभाग में फिजिक्स सोसायटी का यह भव्य उद्घाटन समारोह उत्साह, ज्ञानवर्धन एवं अकादमिक उपलब्धियों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।






