Microsoft Server Down: माइक्रोसॉफ्ट की खामी से दुनियाभर में उथल-पुथल; भारत का वित्तीय सिस्टम सुरक्षित,जानिए सबकुछ

साभार अमर उजाला

माइक्रोसॉफ्ट के कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के अपडेट में आई तकनीकी खामी ने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा दी। लाखों कंप्यूटर अचानक ठप हो गए, जिससे हजारों उड़ानें रद्द या देर से चलीं। बैंकिंग सिस्टम को झटका लगा, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं, मीडिया को अपना प्रसारण रोकना पड़ा, कारोबारी जगत हलकान रहा। अकेले अमेरिका में 911 सेवाएं बाधित रहीं। शुक्रवार रात करीब दस बजे 17 घंटे की दुश्वारियों के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने दावा किया कि गड़बड़ी दुरुस्त कर ली गई है।

दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल करने वाले कंप्यूटरों के साथ यह स्थिति पैदा हुई। समस्या मूल रूप से उन कंप्यूटरों में आई, जो माइक्रोसॉफ्ट की उस क्लाउड सेवा का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसमें क्राउडस्ट्राइक का फायरवॉल सिस्टम था। भारत में विमानन सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा, कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इंडिगो, स्पाइसजेट, अकासा, एअर इंडिया, विस्तारा जैसी सभी एयरलाइंस की ऑनलाइन चेक-इन सेवाओं में व्यवधान आ गया। हवाईअड्डों पर चेक-इन काउंटरों पर लंबी कतारें लगी रहीं।

केंद्रीय मंत्री बोले-हमारे बैंक और बाजार प्रभावित नहीं
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार लगातार माइक्रोसॉफ्ट के साथ संपर्क में है। इस आउटेज का हमारे देश की बैंकिंग, भुगतान और बाजार प्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ा है। हमारा एनआईसी नेटवर्क इससे प्रभावित नहीं है। वहीं, आरबीआई ने भी कहा कि ज्यादातर बैंकों की महत्वपूर्ण कंप्यूटर प्रणाली क्लाउड पर नहीं है, इसलिए उनपर इस वैश्विक गड़बड़ी का कोई असर नहीं पड़ा। हालांकि आरबीआई ने 10 बैंकों व गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के कामकाज में मामूली प्रभाव की बात कही है।

एयरलाइंस सर्वाधिक प्रभावित
फ्लाइट अवेयर के मुताबिक पूरी दुनिया में शुक्रवार को 33,139 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई, जबकि करीब 3,750 उड़ानें रद्द हुईं। अमेरिका में सबसे ज्यादा 788 उड़ानें डेल्टा एयरलाइन की रद्द हुईं। जबकि, अटलांटा एयरपोर्ट पर सर्वाधिक 155 उड़ानें रद्द हुईं।

  • भारत में इंडिगो की 200 उड़ानें रद्द हुईं। एअर इंडिया की 110 उड़ानें देरी से चलीं व तीन रद्द हुईं। अकासा की 45 उड़ानें देरी से व 2 रद्द हुईं। स्पाइसजेट की 86 उड़ानें देरी से चलीं व 17 रद्द की गईं।
  • दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डे पर 27 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि 247 के उड़ने में देरी हुई। मुंबई के हवाईअड्डे पर 168 उड़ानों में देरी हुई, जबकि छह रद्द हुईं।
  • हवाईअड्डों पर कंप्यूटर से होने वाला सारा काम हाथों से करना पड़ा। चेक-इन व बोर्डिंग पास जारी करने में विमानन कर्मियों को आधा घंटा से अधिक का समय लग रहा था।