राजकुमार सिंह ठाकुर

पंडरिया । महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कार्यरत अधिकारी कर्मचारी एवम रोजगार सहायको द्वारा छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले दो सूत्रीय मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त जिलों के सभी मनरेगा कर्मी दो सूत्रीय मांगों को लेकर काम बंद कलम बन्द कर अनिश्चितकालीन धरने पर चले गए है।अपनी मांगों को लेकर मनरेगा कर्मचारी महासंघ के द्वारा ध्यानाकर्षण रैली व शासन प्रशासन को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था, किंतु शासन प्रशासन द्वारा समय नही दिया गया।जिसके कारण महासंघ के बैनर तले प्रदेश के 28 जिलों के सभी कर्मचारी धरने पर बैठ गए है।मनरेगा का काम बंद होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रो में पलायन का खतरा भी बढ़ गया है। कर्मचारियो की ओर से नियमितीकरण की मांग लम्बे समय से चल रही है, पर अब तक मांग पूरी नही हो पाई है।इसलिए आक्रोशित होकर कर्मचारी धरने में बैठने के लिए मजबूर हो गए है।हड़ताल में बैठने की वजह से गांव में चल रहे मनरेगा का काम भी ठप हो चुका है।जन घोषणा पत्र को आत्मसात करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों का नियमितीकरण एवम नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों का सिविल सेवा नियम 1966 के साथ पंचायत कर्मी नियमावली लागू किया जाना प्रमुख मांग है।
हड़ताल में ये रहे मजदूर
हड़ताल के दौरान जनपद पंचायत पंडरिया के विभागीय कर्मचारी के अध्यक्ष संजीव साहू देवेंद्र बघेल,धनी बाँधेकर, अश्वनी नागवंशी, नवनीत परमार,राहुल गंगवेर,वैभव श्रीवास्तव, धर्मेंद्र साहू,तोरन मेहरा,बलवंत खांडे, परमेश्वर सोनवानी, अजय शुक्ला, प्रियंका पांडेय, रेवती साहू आदि उपस्थित रहे।






