पाटन। पाटन ब्लाक के ग्राम तरीघाट में अंततः मनरेगा के मजदूरों को रोजगार का अवसर मिल ही गया। बता दें कि जिस स्थल पर मनरेगा का कार्य के लिए ग्राम पंचायत द्वारा चयन किया गया था उस स्थल पर अतिक्रमण होने की शिकायत ग्राम पंचायत ने किया था। साथ ही इसके लिए राजस्व विभाग से अतिक्रमण हटाने के लिए सहयोग की भी अपील किया था । इसके बाद अतिक्रमण हटाने में में जिम्मेदारो ने रुचि नहीं दिखाई। इससे पहले दो बार मनरेगा के मजदूर काम करने के लिए चयनित स्थल पर पहुंच चुके थे लेकिन अतिक्रमणकारियों के द्वारा विरोध किए जाने के कारण अतिक्रमण स्थल पर मनरेगा का कार्य शुरू नहीं हो पाया।। अंततः आज गुरुवार को ग्राम पंचायत तरीघाट के सरपंच अशोक साहू पंचों तथा ग्रामीणों के साथ मनरेगा के चयनित कार्य स्थल पर पहुंचे और वहां पर अतिक्रमणकारियों को समझाइश देकर हटाने के लिए कहा गया ।।वहीं कुछ खाली पड़ी जगह पर वर्तमान में मनरेगा का कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस कार्य में करीब 150 मजदूरों को आज काम मिला है। ग्राम के सरपंच अशोक साहू ने बताया कि पिछले 2 बार अतिक्रमण हटाने के लिए ग्रामीण पूरी तैयारी कर चुके थे लेकिन विभाग के अधिकारी एवं पुलिस बल नहीं होने के कारण अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। इस कारण दो बार काम करने कार्य स्थल पर पहुंच चुके मजदूरों को वापस होना पड़ा ।।शासन प्रशासन के द्वारा हो रही लेट लतीफी को देखते हुए पंचायत ने खुद ही हटाने का निर्णय लिया जिससे कि ग्राम पंचायत के मजदूरों को जल्दी गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो सके। पूर्व में मनरेगा के कार्य में रोक लगाए जाने से नाराज मजदूरों ने तरीघाट से अभनपुर मार्ग पर बैठ कर अपना विरोध प्रदर्शन भी किया था।। जिसके बाद इस मामले की जांच सरपंच सहित जिन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगा है उनको भी राजस्व विभाग के मुखिया एसडीएम कार्यालय पाटन में भी तलब किया गया था जहां पर सभी दस्तावेजों की जांच भी की गई। इसके बाद आज ग्रामीणों ने स्वयं जाकर उक्त स्थल पर काम शुरू कर दिया।







