अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्णय और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश में “मनरेगा बचाओ -मजदूर बचाओ” के तहत दुर्ग ग्रामीण के विभिन्न गांवो में आम लोगों तथा मजदूरों से सतत संपर्क कर मोदी सरकार द्वारा गत संसद-सत्र के दरमियान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना कानून के स्थान विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन ग्रामीण योजना से मजदूरों के अधिकार और पंचायतों के अधिकार के साथ ही स्थानीय स्तर पर विकास पर पड़ने वाले दुष्परिणामों को गली मोहल्लों,चौंक चौराहों से लेकर मनरेगा स्थल,धान खरीदी केंद्रों, राशन दुकानों,साप्ताहिक बाजारों में पर्चे बाटकर, चर्चाकर सच्चाई बताने काम कांग्रेस के कार्यकर्ता जोर शोर से कर रहे हैं।
मनरेगा बचाओ संग्राम के अभियान में पिछले तीन चार दिनों से मोहलाई, कोटनी, मालूद,बेलौदी, बोराई,दामोदा,ख़ुरसीडीह,ख़ुरसुल सहित अनेकों गांव में कार्यकर्ताओं के साथ लगातार सक्रिय रहने वाले सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रिवेंद्र यादव ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से चलने वाली ग्रामीण अर्थ व्यवस्था का आधार, जीवकोपार्जन के स्थाई 100 दिन के मिलने वाले रोजगार की गारंटी को षडयंत्र पूर्वक बदलने से लोगों में भारी आक्रोश है पूर्ववर्ती मनमोहन सरकार में शिक्षा का अधिकार,खाद्य सुरक्षा का अधिकार,सूचना का अधिकार,रोजगार का अधिकार स्वास्थ्य का अधिकार ,लोक सेवा गारंटी जैसे अनेक योजना से आम नागरिकों को अधिकार सम्पन्न बनाया है जिसे अपनी सनक के चलते बदला जा रहा है या फिर कमजोर किया जा रहा है। आम जनता सच को समझने लगी है कि कैसे यह सरकार किसानों को जानबूझकर खाद-बीज की किल्लत पैदा की फिर फसल पकने के बाद टोकन के लिए तरसना पडा और सरकार द्वारा तय समय सीमा में धान की खरीदी नहीं कर पा रही है किसानों के धान आज भी खेत खलिहानों में बरबाद होते पड़ा है और सत्यापन के नाम पर किसानों को परेशान करने का सिलसिला जारी है। वैसे ही महिलाओं को महगाई की मार झेलने के साथ ही बिजली के जोरदार झटके दी है इधर महतारी वंदन ,राशन कार्ड में छटनी कर कइयों जरूरतमंद को वंचित किया जा रहा है। कानून व्यवस्था का अता पता नहीं है। प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है अपने साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी के वाहन चूहा मुसवा को शामिल कर असल चेहरों को छुपाया जा रहा हैं।नए योजना में 125 दिन रोजगार की गारंटी के भ्रम फैलाने वाली भाजपा सरकार से ग्रामीण मजदूर काम के लिए आस लगाए बैठे है,कही भी मनरेगा सहित कोई भी विकास के कार्य नहीं होना उस बात को साबित कर रहा है कि यह डबल इंजन की सरकार किसान विरोधी,जवान विरोधी, महिलाओ के सम्मान विरोधी सहित हर मोर्चे पर विफल रही है और अब ग्रामीण जनता इनकी छल प्रपंच को समझ मानने लगी है कि महात्म गांधी के नाम वाली योजना को खत्मकर लाए ‘जी-राम-जी’ योजना “गए-राम-जी”होने वाली है।
मनरेगा बचाओ संग्राम के अभियान में प्रमुख रूप से केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नंदकुमार सेन,प्रदेश किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष कृष्णा देवांगन, जोन अध्यक्ष रविंद्र सिंहा,पूर्व सरपंच संघ अध्यक्ष मुकुंद पारकर, जनपद सदस्य मिलनतिन ठाकुर,सरपंच कोटनी रामसिंह निषाद,पूर्व सरपंच भारत निषाद, पूर्व सरपंच ममता भागवत साहू,कैलाश सिन्हा, नरेंद्र देशमुख,कमलनारायण देशमुख, डायमंड वैष्णव,गैलेंद्र साहू,शशि साहू,इंद्राणी यादव,रामकली यादव, शशि धीमर,चंद्रशेखर साहू,रोहित साहू,किशोर यादव,संजय देशमुख,पूर्णानंद देशमुख,सुभाष देशमुख,राजू पोर्ते, दुग्धे साहू,कुमार कलियारे, नेतराम सहित जनप्रतिनिधि शामिल रहे।







