बिष्णु के सुशासन में मोदी की गायरंटी हो रही है पूरी, किसानों के खाते में पहुंची राशि, सांसद विजय बघेल ने किसानों को दी बधाई

पाटन (दुर्ग)। कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं किसान सम्मेलन का आयोजन डॉ. खुबचंद बघेल भवन, अटारी पाटन जिला दुर्ग में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं राजकीय गीत के साथ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल, भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा, जिला भाजपा महामंत्री दिलीप साहू, जिला पंचायत सभापति नीलम चंद्राकार, श्रीमती हर्षा चंद्राकर, राजेश चंद्राकर, रानी बंछोर, कमलेश साहू, रवि सिंह, रामकुमार चंद्राकर, योगेश निक्की भाले, चंद्रप्रकाश विजू एवं कमलेश चंद्राकर लोकमणि चंद्राकर, सहित अन्य उपस्थित रहे।
कृषक उन्नति योजना अंतर्गत धान एवं बीज उत्पादन कृषकों को आदान सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई। राज्य स्तर पर विकासखंड बिल्हा (जिला बिलासपुर) से मुख्यमंत्री द्वारा 24.28 लाख किसानों को 10,324.84 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई।
जिला उपाध्यक्ष दिलीप साहू ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और किसान देश की रीढ़ हैं। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों के हित में अनेक योजनाएं लागू की हैं। पूर्व में जहां किसानों को 14–16 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था, वहीं वर्तमान सरकार शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध करा रही है। भूमिहीन किसानों को 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा किस्तों के स्थान पर एकमुश्त राशि प्रदान की जा रही है।
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सांसद विजय बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मोदी जी की गारंटी को पूरा कर रही है और किसानों के खातों में सीधे राशि पहुंच रही है।
जिला दुर्ग में कुल 1,06,830 किसानों को 40,789.42 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जिसमें दुर्ग विकासखंड के 25,057 कृषकों को 8,703.03 लाख, पाटन के 44,122 कृषकों को 16,995.87 लाख एवं धमधा के 37,651 कृषकों को 15,090.54 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में किसान एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।