बलराम यादव/9893363894
पाटन। पाटन ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन योजना के तहत लोगो के घरों तक पानी देने के लिए कार्य किया जा रहा जिससे की ग्रामीणों को पेयजल की समस्या न हो। लेकिन अब जल जीवन मिशन ही ग्रामीणों के साथ पंचायतों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। अभी तक मुश्किल से कुछ ही गांवों में यह सफल हुआ है। बाकी जगह कुछ न कुछ समस्या होने लगी है। जनजीवन मिशन के निर्माण कार्य का विभागीय निरीक्षण समय पर नहीं होने से कार्य की गुणवत्ता पर अब सवाल खड़े होने शुरू हो गए है।

जानकारी के मुताबिक पाटन ब्लॉक के 144 गांव में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी निर्माण के लिए आर्डर दिया जा चुका है। इनमें से ज्यादातर पंचायतों में काम शुरू हो गया है। कही पर टंकी का निर्माण किया जा रहा है तो कही पर पाइप लाइन बिछाने के कार्य किया जा रहा है। लेकिन इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता को देखकर लग रहा है की गुणवत्ता कों परखने वाला लापरवाही बरत रही है।
पहला मामला ग्राम पंचायत छाटा का है। पूर्व सरपंच सोहन साहू ने बताया की छाटा में टंकी निर्माण किया है। पाइप लाइन भी बिछाया गया है। लेकिन बार बार पाइप लाइन टूट रहा है। पाइप लाइन पर जो चेंबर बनाया गया है वह भी बार बार खराब हो रहा है। पानी टंकी तक नही जा पा रहा है। बार बार ठेकेदार को बोलते है तो वो भी बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने ध्यान नहीं दे रहे है। इधर विभाग के अनुविभागीय अधिकारी जी एस राउत का कहना है की पूर्व सरपंच बार बार फोन कर परेशान करता है। वहा पर सुधार कार्य के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए थे, इधर सरपंच एकेश्वरी साहू ने बताया की काम अभी पूरा नहीं हुआ है ठेकेदार एन ओ सी देने के लिए बोल रहे है। बताया जा रहा है की टंकी के नीचे जो पाइप लाइन लगाया है उसमे भी लीकेज है। ग्रामीणों ने बताया की आधा बस्ती में जल जीवन मिशन का पानी नहीं पहुंच रहा है। पहले एक बोर से स्थल नल जल योजना से पूरा पेयजल का सप्लाई होता था। लेकिन अब लाखो खर्च करने के बाद भी कई परिवार को जल जीवन मिशन के तहत एक बूंद भी पानी नहीं मिल रहा है।
तेलीगुंडरा में पानी टंकी की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। जिस ठेकेदार को पानी टंकी निर्माण का ठेका मिला है उनके द्वारा जो निर्माण किया गया है उसे देखकर लग रहा है की पानी टंकी निर्माण पर गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया है। अभी टंकी निर्माण जारी है और कुछ जगह से सीमेंट रेत गिट्टी झड़ रहा है। एक विषय पर एस डी ओ पी एच ई जी एस राउत ने कहा की अभी मूल्यांकन नहीं किया गया है। मूल्यांकन करने पर अगर गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य मिला तो उसका भुगतान रोक देंगे।






