रायपुर

इस सप्ताह नंदनवन जंगल सफारी में “प्रकृति दर्शन” कार्यक्रम के तहत एनएच गोयल स्कूल, केपीएस आरंग, एनबीआईएस स्कूल राजनंदगांव, कृष्ण विकास ग्लोबल स्कूल, रायपुर, पीएम श्री स्कूल बालोद, शासकीय स्कूल माना बस्ती, सरस्वती शिशु मंदिर राजिम, डीपीएस एनटीपीसी समेत 10 से अधिक विद्यालयों के 2000 से अधिक छात्रों ने शैक्षणिक भ्रमण किया।
इस अवसर पर बच्चों को न केवल जंगल सफारी का अनुभव दिया गया बल्कि उनकी सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए पेंटिंग गतिविधि, प्रकृति आधारित चित्र कला भी आयोजित की गई। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
नंदनवन जंगल सफारी की पर्यावरण शिक्षा टीम ने छात्रों को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण की महत्ता के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने सफारी के दौरान जंगली जीव-जंतुओं और प्राकृतिक परिवेश को करीब से देखा और समझा।
नंदनवन जंगल सफारी के संचालक, श्री धम्मशील गणवीर ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, हम “प्रकृति दर्शन” कार्यक्रम के तहत “बच्चों में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। नंदनवन जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति/पर्यावरण शिक्षा केंद्र भी है, जहां बच्चे सीख सकते हैं कि प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक है। ऐसी गतिविधियाँ बच्चों को न केवल प्रकृति से जोड़ती हैं बल्कि उनके भीतर एक जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना भी विकसित करती हैं।”






