सांसद विजय बघेल ने दी स्व. प्रेमलाल वर्मा को श्रद्धांजलि

रायपुर। रामकुण्ड निवासी स्व.प्रेमलाल वर्मा (सेवानिवृत्त विकासखण्ड अधिकारी) उम्र-87 वर्ष का दिनांक 03.01.2025, को आकस्मिक निधन हो गया था । जिसका दशगात्र कार्यक्रम रविवार को समता कॉलोनी रायपुर के मंगल भवन में शोक सभा रखा गया था,जंहा श्रद्धाजंलि देने प्रदेश भर से बड़े बड़े हस्तीयों ने शोक सभा में पहुँचकर श्रधांजलि अर्पित किया।

दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल ने भी मृतआत्मा को नमनकर श्रद्धा सुमन पुष्पांजलि अर्पित किया!
इस दौरान सांसद विजय बघेल ने इस दुःख के घड़ी में शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने भगवान से प्रार्थना किया!
•स्व.  प्रेमलाल की जीवनी-


प्रेमलाल वर्मा जी का जन्म 01/01/1938 को कृषक परिवार में हुआ था। प्रेमलाल जी छात्र जीवन से ही बहुत प्रतिभाशाली थे शासकीय सेवा में रहते हुए विभिन्न प्रशासानिक पदो का निर्वाहन उन्होंने बहुत ही कुशलता पूर्वक किया, उन्होंने भाटापारा , गुण्डरदेही , पाटन गुरुर में विकास खंड अधिकारी के रूप में अपनी पहचान प्रदेश के अच्छे अधिकारी के रूप में स्थापित किया था।

इतने साल गुजर जाने के बाद भी उनके जानने वाले लोग उनके अच्छे कार्यों की हमेशा तारीफ करते हैं। 58 वर्ष की आयु में रायपुर से सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक दयित्वों का निर्वाह किया। उन्होंने सचिव रहते हुए ट्रस्ट कमेटी भोला कुर्मी क्षत्रिय समाज में 75 वर्ष की आयु तक सक्रिय रहे इसी तरह उनके द्वारा छत्तीसगढ़ पेंशनर समाज के सचिव के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूरी लगन और निष्ठा के साथ किया गया।


प्रेमलाल वर्मा की तीन पुत्रियां एवं एक पुत्र है। उनके सभी दामाद एवं पुत्रियां उच्च शिक्षा के साथ समाज में प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते है। उनके पुत्र डॉक्टर अजय वर्मा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। पुत्रवधु रेनू वर्मा एक कुशल व्याख्याता हैं। अपने जीवन काल में संयमित एवं हमेशा स्वस्थ रहें हैं, 87 साल की उम्र में भी कभी कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं रही है।


वे अपनी पत्नी श्रीमती विरीज वर्मा का बहुत ध्यान रखते थे। खासकर पिछले 1 साल से पत्नी के ज्यादा कामजोर हो जाने पर उनका पूरा समय उन्ही के साथ बितता था। बवजूद इन सबके वे परिवार के मुखिया होने के नाते सभी का ध्यान रखते थे।
इन सब के अलावा प्रेमलाल वर्मा जी एक अच्छे इंसान थे। लोगों की मदद करना , दुख ~ सुख में लोगों से मिलाना जुलना एवं निस्वार्थ रूप से सेवा भावना उनकी अपनी अलग पहचान बनाता है। यहां बताना भी आवश्यक है कि अपने पौत्र अन्वेष और आर्यन की अच्छी शिक्षा के बुनियाद उन्होंने रखी थी। आज उनके दोनों पोते राष्ट्रीय स्तर के संस्थान से MBA कर उच्चस्तरीय संस्थानों में कार्य रहे हैं। वे अपने पीछे एक भरा पूरा संस्कारी परिवार छोड़ गए हैं। उनके आदर्श उनके परिवार में स्पष्ट झलकता है।

इस अवसर पर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल,राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ छ.ग.प्रांत,संघचालक  टोपलाल वर्मा ,  श्याम बैस, पी.सी. बघेल,अमित बघेल, ललित बघेल चेतन भारती,अधिष्ठाता डॉ.अजय वर्मा,प्राध्यापक डॉ. सी. आर. नेताम,डॉ. ऐन. के. तुर्रे,श्री हेमंत साहू,  लुकेश महानंद,  प्रवीण कुमार साहू,दाऊ कौशल चंद्राकर, डिकेश्वर परगनीहा, तुलाराम वर्मा, सहित इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता,अधिकारी, कर्मचारी, समाज व भिंभौंरी वर्मा परिवार के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे!