बलराम यादव/9893363894
अहिवारा। अहिवारा के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों मुरूम की अवैध खुदाई और परिवहन धडल्ले से किया जा रहा है। क्षेत्र दिन भर तो शांत रहता है जैसे ही अंधेरा होता है तो मुरूम माफिया सक्रिय हो जाते है। जानकारी ने मुताबिक मुरूम का अवैध उत्खनन करने वाले शासकीय भूमि के साथ साथ निंजी भूमि को निशाना बना रहे है। किसानों को खेत बनाने के नाम पर उसके खेत की खुदाई कर मुरूम निकालने में लगे है। राजस्व और खनिज विभाग कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अहिवारा क्षेत्र के आसपास के ग्राम बानबरत, धिकुड़िया, सेमरिया, गिरहोला सहित अन्य गांव में इन दिनों मुरूम का अवैध रूप से उत्खनन करने वाले काफी सक्रिय हो गए है। कई जगह पर सरकारी जमीन को भी रातों रात खुदाई कर परिवहन कर रहे है। सुबह जब ग्रामीण देखते है तो खुदाई हो चुका रहता है। अगर कोई ग्रामीण विरोध करता है तो मुरूम का अवैध उत्खनन करने वाले अपनी ऊंची पहुंच का धौंस देते है। वही जानकारी यह भी मिली है की किसानों की खेत बनाने का लालच देकर भी खेतो की खुदाई की जा रही हैं।
कुछ छूटभैया नेता भी लगे है इसी काम में
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुरूम खनके कार्य में क्षेत्र के कुछ छूटभैये नेता भी जुड़े हुए है। बताया जा रहा है की ये नेता अपने आकाओं के तरफ से किसानों से मिलकर उसे अपनी चिकनी चुपड़ी बाते में फंसा कर खेत की खुदाई करने के लिए सहमति ले लेते है। उसके बाद खुदाई शुरू कर देते है। जब खेत के मुरूम को निकालकर मिट्टी डालने की बारी आती है तो ये छूटभैया नेता रफूचक्कर हो जाते है। फिर किसान चक्कर लगाता रहता हैं। इस तरह के कार्य लगभग जितने गांवों में अवैध उत्खनन हो रहा है वहा पर होने की चर्चा है।






