उत्तर पाटन में मुरुम माफिया बेलगाम: कमीशन के खेल में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, आधा दर्जन से अधिक गांवों में जे सी बी से खुदाई, हाइवा से परिवहन,  जिम्मेदार अफसर कौन, नेताओं पर उठ रहे सवाल

बलराम यादव (पाटन)। उत्तर पाटन क्षेत्र इन दिनों अवैध मुरुम खनन को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में है। क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में खुलेआम खेतों और मैदानी जमीनों पर जेसीबी मशीनों से मुरुम की खुदाई की जा रही है। दिनदहाड़े हो रहे इस खनन के बाद बड़े हाइवा वाहनों के जरिए मुरुम को दूर-दराज इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल पर जिम्मेदार विभाग पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। न तो पटवारी मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं और न ही तहसीलदार या एसडीएम की ओर से कोई कार्रवाई देखने को मिल रही है। खनिज विभाग की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। राजस्व और माइनिंग विभाग को जन जानकारी दिए जाते है तब कार्रवाई होती है। वह भी सिर्फ खाना पूर्ति के लिए।
सूत्रों की मानें तो इस अवैध खनन के पीछे स्थानीय स्तर पर बड़े राजनीतिक संरक्षण की चर्चा जोरों पर है। आरोप हैं कि एक प्रभावशाली नेता के इशारे पर कमीशन के आधार पर यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा है। आमजन के बीच यह भी चर्चा है कि इस अवैध कमाई का हिस्सा ऊपर तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे कार्रवाई नहीं हो रही है।
उत्तर पाटन के ग्राम लोहरसी, जाम गांव एम, गभरा, करगा, अमेरी, रूही और रवेली, बठेना, गभरा, भाटागांव सहित कई गांवों में मुरुम खनन और परिवहन का काम लगातार जारी है। कुछ स्थानों पर खनिज विभाग से अनुमति होने की बात कही जा रही है, लेकिन वहां भी तय मानकों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सब कुछ खुलेआम हो रहा है, तो आखिर प्रशासन कब जागेगा… या फिर यह अवैध खनन यूं ही कमीशन के खेल में चलता रहेगा…