“नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की” श्रीकृष्णमय हुआ छत्तीसगढ़…जगह-जगह ‘जय राधा-माधव’ की गूंज

सीजी मितान न्यूज़

छत्तीसगढ़ में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है।

रायपुर के राधा-कृष्ण मंदिरों समेत प्रदेश के सभी मंदिरों में ‘राधे-राधे’ और ‘जय माधव’ की गूंज चारों तरफ सुनाई दे रही है। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की…’ गीत से मंदिर गूजयमान हो रहे हैं। 

रायपुर के मठपारा स्थित दूधाधारी मठ, पुरानी बस्ती स्थित जैतूसाव मठ, समता कॉलोनी स्थित राधा कृष्ण मंदिर और खाटू श्याम मंदिर में ‘जय श्रीकृष्ण’ की धून सुनाई दे रही है। इन मंदिरों में भव्य साज-सज्जा किये गये हैं। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है।

इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव
टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया है। यहां मूरली मनोहर के श्रृंगार के लिए वृंदावन और मुंबई से विशेष तौर पर वस्त्र और आभूषण मंगवाए गए हैं। लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड दिल्ली और वृंदावन धाम से आए कलाकारों की टीम शाम छह बजे से सांस्कृतिक प्रस्तुति देगी।  फिलहाल हरिनाम कीर्तन जारी है। लोग रात 2 बजे तक वासुदेव के दर्शन कर सकेंगे।

1100 किलो मालपुआ तैयार
पुरानी बस्ती स्थित जैतूसाव मठ में 1100 किलो मालपुआ ‘कान्हा’ के भोग के लिए तैयार किया गया है। रात 8 बजे से भजन संध्या होगी जो रात 12 बजे जन्मोत्साव के बाद आरती होगी पर कार्यक्रम का समापन होगा। इसके अलावा राधा कृष्ण मंदिर समता कॉलोनी में फूलों से आकर्षक साज सज्जा की गई है। पूरे मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया है। सभी मंदिर बिजली के झालरों से जगमग हो रहे हैं। यहां बाल-गोपाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे रहे हैं। रात में छप्पन भोग चढ़ाकर महाआरती की जायेगी।

यहां पर भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम
जन्माष्टमी पर रायपुर के सदर बाजार स्थित बाल गोपाल मंदिर में विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। सिटी कोतवाली थाने में रात 12 बजे जन्माष्टमी मनाई जाएगी। पुरानी बस्ती स्थित गोपाल मंदिर में पूजा पाठ के साथ ही भंडारे का आयोजन किया जायेगा। महादेव घाट स्थित हनुमान मंदिर और राधा कृष्ण मंदिर, नयापारा स्थित पेठा लाइन में 156 साल पुराने श्री बांके बिहारी मंदिर में भगवान का दुग्धाभिषेक किया जायेगा। चौबे कॉलोनी स्थित श्री चिंताहरण हनुमान मंदिर को फूलों से सजाया गया है। यहां पर शाम से देर रात तक भजन संध्या की बयार बहेगी।