पंडरिया। कस्तूरबा बालिका विद्यालय में राष्ट्रीय बालिका दिवस और वंदे मातरम दिवस का समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों और छात्रों ने उत्कृष्ट उत्साह के साथ सहभागिता की।
समारोह की शुरुआत विद्यालय की अधिक्षिका ने छात्राओं को आत्मनिर्भरता और समान अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने, वाले नारे प्रस्तुत किए। कला, संगीत के माध्यम से छात्राओं ने इस दिवस का महत्व समझाया।

‘हम सब एक हैं’ के संदेश के साथ
इस अवसर पर, विद्यालय के शिक्षकों ने छात्राओं को प्रेरित करने के लिए उनके लिए विशेष भाषण दिए। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति जागरूकता का पुरज़ोर समर्थन किया। वंदे मातरम गीत मानो पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा भर रहा था। छात्राओं ने इसे गाते हुए अपने देश के प्रति सच्ची श्रद्धा प्रकट की। समारोह के अंत में अधीक्षिका ने कहा कि हमें हमेशा बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
इस कार्यक्रम ने न केवल बालिका दिवस की महत्वता को दर्शाया, बल्कि यह भी दर्शाया कि कैसे हम एकजुट होकर सामाजिक बदलाव ला सकते हैं। धीरे-धीरे विद्यालय का प्रांगण वंदे मातरम के गान से गूंज उठा। इस प्रकार, विद्यालय में राष्ट्रीय बालिका दिवस और वंदे मातरम दिवस का आयोजन एक प्रेरणादायक अनुभव बन गया, जो सभी प्रतिभागियों के दिलों में गहराई तक घर कर गया।
इस दिन ने सभी छात्रों को एक नई ऊर्जा और प्रेरणा दी, ताकि वे भविष्य में रचनात्मकता और आत्म-विश्वास से भरे हुए आगे बढ़ सकें। विद्यालय के इस विशेष आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि बालिकाएँ केवल कल की भविष्य की निर्माता नहीं, बल्कि आज की प्रेरणा का स्त्रोत भी हैं।






