पर्यटकों के लिए नुक्कड़ नाटक, प्रकृति आधारित ड्राइंग कार्यशाला, वन्यजीव आधारित माटीकला कार्यशाला और जैव विविधता पर प्रश्नोत्तरी जैसे कार्यक्रम आयोजित

नंदनवन जंगल सफारी में नववर्ष के अवसर पर 5762 पर्यटको ने भ्रमण किया, पर्यटकों के लिए सफारी और चिड़ियाघर भ्रमण के साथ विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें नुक्कड़ नाटक, प्रकृति आधारित ड्राइंग कार्यशाला, वन्यजीव आधारित माटीकला कार्यशाला और जैव विविधता पर प्रश्नोत्तरी शामिल थीं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के महत्व को समझाने के साथ-साथ जागरूकता प्रदान करना था।
बिलासपुर से आए पर्यटक मुकेश यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने सर्वप्रथम सफारी का भ्रमण किया, जहां उनके परिवार ने हिरण, नीलगाय, भालू, बाघ और शेर को देखा। चिड़ियाघर में 25 से अधिक पशु प्रजातियों को देखने का अवसर मिला। उन्होंने माटीकला कार्यशाला में भी भाग लिया। श्री यादव ने कहा, “जंगल सफारी जैसी जगहें परिवार के साथ समय बिताने और यादगार पल बनाने के लिए उत्कृष्ट स्थान हैं। इस नववर्ष पर मैंने अपने बच्चों के साथ ज्ञानवर्धक और आनंददायक समय बिताया। मैं इसके लिए जंगल सफारी प्रबंधन को धन्यवाद देता हूं।”
जंगल सफारी के संचालक सह डीएफओ श्री धम्मशील गणवीर ने कहा, “नंदनवन जंगल सफारी आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। साथ ही, युवाओं में पारिस्थितिकी संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इंटर्नशिप, नेचर ट्रेल और ‘प्रकृति दर्शन’ जैसे कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य न केवल पर्यटकों को उत्कृष्ट आतिथ्य प्रदान करना है, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को बढ़ाना भी है।”
नंदनवन जंगल सफारी का प्रयास है कि पर्यटकों को प्राकृतिक और शिक्षाप्रद अनुभव प्रदान किया जाए, जिससे वे पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बेहतर तरीके से समझ सकें।






