निर्जला एकादशी व्रत आज, पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व, शिव सिद्धि और रवि का शुभ संयोग, पढ़िए पूरी खबर

रायपुर/पाटन। सनातन धर्म में सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाने वाली निर्जला एकादशी का व्रत आज श्रद्धा और भक्ति के साथ रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को विधि-विधान से करने पर वर्ष भर की सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है तथा भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है।

धर्माचार्यों के अनुसार निर्जला एकादशी के दिन अन्न और जल का त्याग कर भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन व्रत, जप-तप और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

ज्योतिषाचार्य एवं भागवताचार्य पं. मनोज शुक्ला ने बताया कि निर्जला एकादशी पर जल से भरे घड़े, फल, शक्कर, वस्त्र तथा शीतल पेय का दान अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। जरूरतमंदों को छाता, फल और शरबत वितरित करने का भी विशेष महत्व बताया गया है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष निर्जला एकादशी पर शिव, सिद्ध और रवि योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे पूजा-पाठ, दान और तपस्या का फल कई गुना बढ़ जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहों की अनुकूल स्थिति भी आध्यात्मिक उन्नति के साथ आर्थिक समृद्धि के संकेत दे रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन अवसर पर प्याऊ लगाना, मीठे जल एवं शरबत का वितरण करना तथा जरूरतमंदों को छाता, वस्त्र और फल दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे पुण्य की प्राप्ति के साथ जीवन में सुख-समृद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं।