पंडरिया। ओबीसी महासभा के प्रदेश सचिव ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि भाजपा सरकार में अब ओबीसी आरक्षण खत्म हो रहा है। कबीरधाम जिले के 4 ब्लाक के कुल 100 जनपद सदस्य पद में से मात्र 13 पद ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ है । इन 13 पदों में बोड़ला विकासखंड में 0 सीट तथा पंडरिया विकासखंड में 1 सीट ओबीसी को मिला है।बाकी कवर्धा और सहसपुर लोहारा ओबीसी बाहुल्य विकासखंड में 6-6 सीट मिला है। इस तरह 50% से अधिक आबादी वाले ओबीसी समाज को जिले में जनपद सदस्य पद के लिए मात्र 13% आरक्षण मिला है ।
नए आरक्षण सिस्टम से ग्राम पंचायत सरपंच पद में भी ओबीसी को बहुत नुकसान हुआ है।जिले के कुल 471 ग्राम पंचायत में से मात्र 65 सरपंच पद ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ है,जो कि कुल पद का लगभग 13% ही है । ओबीसी वर्ग को सरपंच पद हेतु बोड़ला जनपद में सिर्फ 1 और पंडरिया जनपद में 9 पद मिला है इसी तरह कवर्धा में 27 और सहसपुर लोहारा जनपद में 28 सरपंच पद ओबीसी को मिला है।जो कि ओबीसी आबादी के अनुसार बहुत कम है । जिले के कुल 14 जिला पंचायत सदस्य में भी मात्र 2 सीट ही ओबीसी को मिला है जबकि पिछले बार 4 सीट ओबीसी को मिला था ।

इसी तरह
पूर्व मे पंडरिया नगर पंचायत था तो 15 शीट मे 4 ओबीसी को मिला था, पंडरिया नगर पंचायत सें नगर पालिका बन गया है,तो 18 शीट हो गया हैँ। ओबीसी आरक्षण बढ़ने के बजाय औऱ कम हो गया हैँ । केवल 02 शीट ओबीसी आरक्षण हो गया है।
इसी तरह पूरे जिले के 7 नगरीय निकाय के 120 वार्डों में मात्र 23 वार्ड पार्षद ओबीसी आरक्षित हुआ है 50% ओबीसी आबादी वाले इंदौरी नगर पंचायत में ओबीसी आरक्षण शून्य है जो की ओबीसी समाज के लिए दुःखद है।वर्तमान सरकार ओबीसी को छलने का काम कर रही है।
ऊपर बैठे ओबीसी समाज के नेत अपने पद मे मस्त है,ओबीसी के हक़ अधिकार की बात नही कर रहें है,ना ही ओबीसी को अधिकार दिलाने शासन मे बैठे ओबीसी नेता अक्षम नजर आ रहें है ।
अब ओबीसी समाज को अपने हक़ औऱ अधिकार के लिए प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन की जरुरत हैँ।उन्होंने बताया
बीजेपी सरकार द्वारा आरक्षण संसोधन कर ओबीसी को 50% तक आरक्षण देने का दावा किया था,जो वर्तमान उल्टा दिखाई दे रहा है।पहले ओबीसी को जिले में आरक्षण 30% तक मिल रहा था, जो अब घटकर 13% हो गया है । यह स्थिति न सिर्फ कबीरधाम जिले मे नही बल्कि प्रदेश के कई जिलों में है। जहाँ ओबीसी आरक्षण शून्य की स्थिति है । ऐसी स्थिति में आने वाले समय मे राज्य में ओबीसी आरक्षण खत्म हो जाएगा ऐसा प्रतीत हो रहा है । बीजेपी सरकार का यह निर्णय राज्य और जिले के 50% से अधिक ओबीसी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए घातक साबित होगा ।






