पाटन। । पाटन ब्लॉक में तांदुला बांध से बीते पखवाड़े भर छोड़े जा रहे ग्रीष्मकालीन निस्तारी पानी पर अवैध कब्जे का बड़ा मामला सामने आया है। रजोली -टेमरी-सिपकोंहा माइनर नहर में कुछ किसानों द्वारा पम्प लगाकर चोरी-छिपे पानी खींचने की शिकायत के बाद रविवार को सिंचाई विभाग ने कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा। विभाग के सब इंजीनियर मुकेश अहीर के मुताबिक जांच में सामने आया कि कुल 12 किसान अवैध रूप से नहर का पानी निकाल रहे थे। विभाग की टीम के पहुंचते ही कई लोग मौके से फरार हो गए, जिसके चलते केवल 7 पम्प मशीनें ही जब्त की जा सकीं।

बताया जा रहा है कि तांदुला बांध से छोड़ा गया यह पानी मुख्य रूप से ग्रामीणों की निस्तारी और जरूरी उपयोग के लिए था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा निजी लाभ के लिए इसका दुरुपयोग किया जा रहा था। इससे नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो रही थी और कई गांवों में जल संकट की स्थिति बन रही थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नहर के पानी का अवैध दोहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और फरार किसानों की पहचान कर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में बालोद जिला प्रशासन द्वारा किसानों को कम पानी वाली फसलों की ओर रुख करने की सलाह दी गई है, बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं जल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।






