पाटन ब्लॉक के ठकुराइन टोला में खारुन नदी के मध्य में स्थित प्राचीन शिव मंदिर है। सावन माह के प्रथम सोमवार को यहां पर शिव भक्त पहुंचे, लेकिन भगवान भोलेनाथ के मंदिर तक नहीं पहुंच पाए और उन्हें बिना दर्शन के वापस होना पड़ा।
खारुन नदी में पानी होने के कारण शिव भक्त और पर्यटक मंदिर तक नहीं पहुंच पाए। पूर्ववर्ती भूपेश बघेल की सरकार ने खारुन नदी के मध्य में लक्ष्मण झूला का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार है, लेकिन इसका लोकार्पण नहीं होने के कारण आम पर्यटन के लिए इसे बंद कर रखा गया है।
पर्यटकों में आक्रोश देखा जा रहा है कि आखिर कब इस लक्ष्मण झूला का लोकार्पण होगा और इसका लाभ मिल पाएगा। यहां पर दूर-दूर से पर्यटक आते हैं, न केवल मंदिर दर्शन के लिए, बल्कि यहां कई रमणीय स्थल भी हैं। इस सावन माह में पर्यटकों ने मांग की है कि लक्ष्मण झूला का लोकार्पण किया जाए, जिससे नदी में पानी होने के बाद भी भगवान भोलेनाथ के मंदिर तक पहुंचा जा सके।
सुरक्षा की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि बच्चे, बुजुर्ग, सभी नदी की तेज धार में उतर रहे हैं। ठकुराइन टोला में मंदिर के पास एनीकेट बना हुआ है, जिसके ऊपर से पानी बह रहा है। इधर घूमने आए पर्यटक एनीकेट के ऊपर भी जा रहे हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है।
करीब दो माह पहले इसी एनीकेट पर डूबकर पाटन के एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी शासन-प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आज स्थिति यह है कि तेज धार पानी बह रही है, जिसमें बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और युवतियां सभी अपनी जान को जोखिम में डालकर नहाने के लिए और सेल्फी लेने के लिए बीच नदी में जा रहे हैं। इन्हें रोकने वाला भी कोई नहीं है और वहां पर सुरक्षा का कोई इंतजाम भी नहीं है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।







