


अतिथि आगमन के साथ ही अतिथियों द्वारा प्राकृतिक खेती पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) दुर्ग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विजय जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रुपरेखा रखी।
कार्यक्रम का शुरुआत आनलाइन प्रसारण के माध्यम से केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा संपूर्ण देश के विभिन्न जिलों में प्राकृतिक खेती कर रहे कृषकों के साथ संवाद से प्रारंभ हुआ। देश के विभिन्न जिलों के कृषकों द्वारा लागत कम करते हुए सफल प्राकृतिक खेती द्वारा आय बढाने की जानकारी साझा किया गया । केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा देश के कृषकों से कृषि में लागत को कम करने तथा स्वस्थ फसल उत्पादन हेतु आहवान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय बघेल, सांसद, दुर्ग लोकसभा ने अपने उदबोधन में जिले के कृषकों को प्राकृतिक खेती में अपने स्वयं के कार्य अनुभव का महत्व को बताते हुए उसे अपनाने हेतु विशेष आग्रह किये साथ ही स्वस्थ एवं रोगमुक्त जीवन के लिये प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर बल दिया। तत्पश्चात हर्षा लोकमनी चंद्राकर, सदस्य जिला पंचायत दुर्ग, द्वारा प्राकृतिक खेती हेतु जल एवं बीज संरक्षण के महत्व पर विस्तारपूर्वक जानकारी दिया गया। कृषक श्याम बघेल एवं राजेश चंद्राकर द्वारा स्वयं के प्रक्षेत्र पर किये जा रहे प्राकृतिक खेती द्वारा धान, गेहूं, सब्जी आदि फसलों के सफल उत्पादन की जानकारी साझा किया गया।
इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक ललिता रामटेके द्वारा प्राकृतिक खेती के महत्व, ईश्वरी कुमार द्वारा जैविक फसलों में कीट व्याधि नियंत्रण, डॉ. कमल नारायण द्वारा प्राकृतिक विधि द्वारा सब्जियों की खेती एवं नीतू स्वर्णकार जैविक खाद निर्माण का जीवंत प्रदर्शन विषयों पर व्याख्यान दिया गया।
उक्त कार्यक्रम में कृषि विभाग से उप संचालक कृषि, जिला दुर्ग एस. एस. राजपूत, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन, राजेन्द्र प्रसाद अपने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों सहित, उद्यानिकी विभाग से के. एल. साहू उद्यान अधीक्षक तथा गुलेरी जी ग्रामीण उद्यान अधिकारी उपस्थित थे।






