बालवाड़ी कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला संसाधन समूह का एक दिवस प्रशिक्षण आयोजित




दुर्ग।
बालवाड़ी कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला दुर्ग में DRG (जिला संसाधन समूह) सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण TNA (शिक्षक आवश्यकता आकलन) एवं कक्षा अवलोकन प्रपत्र पर आधारित रहा। कार्यक्रम का आयोजन राज्य शैक्षिक अनुसंधान संस्थान, राज्य समग्र शिक्षा कार्यालय एवं अह्वान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
प्रशिक्षण जिला शिक्षा अधिकारी  अरविंद मिश्रा, जिला मिशन समन्वयक विनोद सिन्हा तथा सहायक परियोजना समन्वयक शशि भूषण शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। जिले में संचालित 112 बालवाड़ियों के सुचारु संचालन हेतु गठित DRG समूह को इस प्रशिक्षण के माध्यम से शैक्षणिक रूप से सशक्त किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान TNA के उद्देश्य और आवश्यकता पर चर्चा करते हुए शिक्षकों से उनके अनुभव एवं विचार लिए गए, जिससे आगे के प्रशिक्षण को उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुसार योजनाबद्ध किया जा सके। साथ ही शिक्षकों की वैचारिक समझ और कक्षा में उसके व्यावहारिक उपयोग को समझने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि उन्हें उपयुक्त शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जा सके।
कक्षा अवलोकन प्रपत्र पर चर्चा करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि कक्षा में क्या देखना है, प्रपत्र को कैसे भरना है और अवलोकन के दौरान शिक्षक को किस प्रकार सहायक सुझाव दिए जाने चाहिए, जिससे शिक्षण प्रक्रिया में सुधार हो सके। यह भी बताया गया कि अवलोकन का उद्देश्य निगरानी नहीं, बल्कि समर्थन और मार्गदर्शन देना है।
प्रशिक्षण के बाद यह निर्णय लिया गया कि DRG सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से शाला भ्रमण कर कक्षा अवलोकन किया जाएगा तथा सतत निगरानी एवं आवश्यक शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण में 15 DRG सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर अह्वान संस्था की ओर से जिला समन्वयक शीतल मोटघरे एवं प्रदीप शर्मा की सहभागिता भी रही, जिनका सहयोग कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रहा।