भिलाई।उरांव (सरना) आदिवासी समाज- भिलाई के द्वारा रविवार को बाबा कार्तिक उरांव जी की पूण्यतिथि पर सेक्टर 6 जुबली पार्क में समाज के पदाधिकारी और समाज के लोगों के द्वारा पुष्प और माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दिया गया।

उनके जीवन काल को याद किया गया, 21 अक्टूबर 1924 को झारखंड राज्य के गुमला जिले के लिहटोली नामक गांव में हुआ था। उनका जन्म कुडुख समुदाय में हुआ था, वे लोकसभा के आदिवासी सदस्य थे, उन्होने अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद का गठन भी किया ।वे उराँव जाति के आदिवासी नेता थे । उन्होंने अनेक संस्थानों से कई योग्यताएं हासिल की उन्हें अब तक कुडूख समुदाय के सबसे शिक्षित व्यकितयों में से एक माना जाता है।
बाबा कार्तिक उराँव को आदिवासी मसीहा काहा जाता है। उन्हे पंखराज साहेब की उपाधि दी गई और उन्हे काला हीरा भी कहा जाता है।
8 दिसम्बर 1981 को बाबा कार्तिक उरांव ने नई दिल्ली के एम्स में अंतिम साँस ली।
पुष्यतिथि के अवसर पर समाज की अध्यक्ष नीलिमा भगत,सचिव सविता भलत फूल बती भगत,कोषाध्यक्ष निर्मला भरव भनराज, राजेश्वर भगत, सुशील राम धनश्याम राम, सुरेन्द्र नवीन, दशरथ राम, उर्मिला, राजमंवि अभिलाषा, सस्ती भगत, धनपति सीता, अमृता अरुणा पार्वती, कमला, मनकुंवारी उषा, सीमा भगत उपस्थित थे।






