शैलदेवी महाविद्यालय अंडा दुर्ग में बौद्धिक संपदा एवं अधिकार पर एक दिवसीय वेबीनार का हुआ आयोजन

अंडा । शैलदेवी महाविद्यालय अंडा दुर्ग में बौद्धिक संपदा एवं अधिकार पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया ।वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में पूजा विशाल मौलिकर परीक्षक पेटेंट एवं डिजाइन राजीव गांधी नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी मैनेजमेंट नागपुर उपस्थित रही ।मौलीकर ने बौद्धिक संपदा अधिकार के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की रचना पर उसी का अधिकार होता है किंतु वर्तमान में बौद्धिक संपदा की चोरी हो रही है, साथ ही विद्यार्थियों को ज्ञात नहीं होता है कि वह जो अविष्कार करते हैं उसे रजिस्टर्ड कराना कितना महत्वपूर्ण है ।अतः महोदया द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार ,पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क पर विस्तार से चर्चा किया गया और बताया गया कि प्रत्येक व्यक्ति जो भी सृजनशील कार्य करता है चाहे कोई शब्द या संकेत ही क्यों ना हो उसे एक ट्रेडमार्क देना आवश्यक है ताकि उसका अनोखा बना रहे और विश्व स्तर पर उसे पहचान मिले मौलीकर जी ने अनेकों उदाहरणों द्वारा बताया कि अब तक जो अविष्कार हुए हैं उसमें अधिकतर अविष्कार कर्ता 12 वर्ष से 25 वर्ष तक के विद्यार्थी ही रहे हैं अतः महाविद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों के लिए आज का यह वेबीनार अत्यंत उद्देश्य पूर्ण रहा। महाविद्यालय के चेयरमैन राजेन कुमार दुबे ने वेबीनार की प्रशंसा की। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुमन बालियान जी ने अपने उद्बोधन से विषय का परिचय कराया व वेबिनार को विद्यार्थियों एवं अध्यापकों के लिए महत्वपूर्ण बताया। पुरे वेबीनार का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक मनीषा वर्मा द्वारा किया गया।