आशीष दास

कोंडागांव/बड़ेडोंगर । सरकार धान खरीदी की पूरी व्यवस्था पर जितना भी ढोल पीट लें लेकिन मैदानी क्षेत्र में धान खरीदी का नजारा कुछ और है। यहां सरकार की नहीं लैंप्स प्रबंधक की चलती है जहां शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और जिला प्रशासन मुक दर्शक बने बैठे हैं।01 नवंबर से शुरू होने वाली धान की खरीदी ले देकर 07 नवंबर को तमाम अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुआ। कोंडागांव जिले के अंदरूनी क्षेत्र बड़ेडोंगर में चल रही समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी अव्यवस्थाओें की भेंट चढ़ रही है। इसके कारण खरीदी केंद्रों पर किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि जिला कलक्टर द्वारा धान एवं मक्का उपार्जन के लिए सभी समितियों में किसानों की सुविधा हेतु छायादार शेड एवं पेयजल की व्यवस्था के साथ उनकी सुविधा हेतु अन्य व्यवस्थाओं को करने के लिए धान एवं मक्का उपार्जन हेतु प्रबंधक, समिति प्रभारी, ऑपरेटरों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान निर्देश दिए थे। लेकिन लैंप्स प्रभारियों के मनमानी के चलते सरकार के मंसूबे पर पानी फेरते नज़र आ रहे हैं।धान बेच रहे किसानों ने कहा कि बड़ेडोंगर खरीदी केंद्र में धान खरीदी हेतु कोई मजदूरों की व्यवस्था नहीं है। किसान स्वयं आकर धान तौलने से लेकर वरदानों में सील खुद किसान लगा रहे हैं। लैंप्स बड़ेडोंगर के अंतर्गत दूर दराज क्षेत्र के किसान महेंद्र सलाम, सुदेश मरकाम, धर्मेंद्र नेताम, प्रेम भंडारी, अशोक मानिकपुरी सहित अन्य ने बताया कि बड़ेडोंगर धान खरीदी केंद्र में किसानों के लिए कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। खरीदी केंद्र में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के चलते पानी के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है, साथ ही किसानों के सुविधा के लिए शेड आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में धान बेचने आए किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर नहीं होने के चलते सभी कार्य हम किसानों को स्वयं करना पड़ रहा हैं। इस बारे में हमने लैंप्स प्रबंधक से बात करने पर उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि मजदूर नहीं मिल रहा है धान काटा करवाना है तो किसानों को ही करना पड़ेगा।अब सवाल यह आता है कि धान खरीदी से पहले क्या सहकारी समिति मजदूर की व्यवस्था नहीं की, या फिर किसानों से मजदूरी का काम करवा कर मजदूरी की राशि हड़पने की कोशिश की जा रही है।
जिला कलेक्टर सोनी ने कहा कि_इस विषय पर कोंडागांव कलेक्टर दीपक सोनी ने धान खरीदी केंद्र की व्यवस्था की जांच करवाकर खरीदी केंद्र में उचित व्यवस्था करने की बात कही।
डीएमओ का कहना है कि_डीएमओ रविकांत नेताम ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था की देखरेख नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी है। इस तरह की लापरवाही की जांच करवाई जाएगी और लापरवाह अधिकारियों पर उचित कार्रवाई करने की बात कही।






