पाटन ब्लॉक के सभी 35 उपार्जन केंद्र में धान खरीदी बंद रही, बारिश से बचने धान की ढककर रख गया, धान का उठाव नहीं होने से बढ़ रही है परेशानी, आज भी नही होगी खरीदी

बलराम यादव
पाटन। अचानक मौसम में हुए परिवर्तन एवं बीती रात को हुई बारिश के कारण आज पाटन ब्लॉक के सभी धान उपार्जन केंद्र पर धान खरीदी व्यवस्था ठप रही। सभी खरीदी केंद्रों पर आज धान की खरीदी नहीं की जा सकी। मौसम ज्यादा ही खराब होने के कारण समिति के द्वारा यह निर्णय लिया गया। वहीं धन उपार्जन केंद्रों में खरीदे गए धान को बारिश से बचने के लिए ताल पत्री से ढका गया है । बता दे की धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू हो चुका है । एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन के द्वारा धान खरीदी केदो में खरीदे गए धान का उठाव की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। जिसके कारण अब समिति में रखे धान जाम होने लगी है। वहीं भारी मात्रा में धान जमा होने के कारण इसे बारिश से बचाने में भी समिति प्रबंधकों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है की मौसम को देखते हुए आगामी एक-दो दिन भी धान खरीदी बंदी रहेगी। वहीं धान बेचने के लिए जो किसान टोकन ले लिए हैं वह भी असमंजस में है। हालांकि समिति की जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि जो किसान आज का टोकन लिए हैं उनका टोकन संशोधित करके जल्द ही अन्य टोकन जारी कर उनकी धान को खरीदी किया जाएगा।

पाटन ब्लॉक में कल 35 सेवा सहकारी समिति के माध्यम से किसानों का धान समर्थन मूल्य में लिया जा रहा है। आज मौसम खराब होने की वजह से धान खरीदी बंद रही। बीती रात को बारिश भी हुई जिसके कारण खरीद खरीदी स्थल पर पानी भी कहीं कही जमा हो गया था । वहीं मौसम खराबी को देखते हुए या फिर बारिश की स्थिति को देखते हुए धान खरीदी को आज बंद रखने का निर्णय लिया गया।

धान का उठाव नहीं होने से बढ़ी परेशानी
सेवा सहकारी समितियां में समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदे गए धान का उठाव अभी तक शुरू नहीं हुआ है। जबकि धान खरीदी शुरू हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है। धान का उठाव नहीं होने से समिति में ही धान को स्टेट करके रखा गया है । बारिश से धान ना भींगे इसके लिए ताल पत्री के माध्यम से ढककर भी रखा गया है । लेकिन उठाव नहीं होने के कारण धीरे-धीरे धान खरीदी केदो पर धान जाम होते जा रहा है। जिससे की बारिश से बचने के लिए समिति प्रबंधकों तथा समिति के कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी भी पड़ रही है।।