पाटन। ग्राम तरीघाट में ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव लेकर गांव के एक अतिक्रमण को हटाने का सूचना ब्लॉक मुख्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों सहित पुलिस प्रशासन को दिया गया। साथ ही कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए राजस्व विभाग और पुलिस विभाग का सहयोग की अपील करते हुए पत्र भी लिखा गया। लेकिन शनिवार को दिन भर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि मौके के सी बी बुलाकर इंतजार करते रहे लेकिन न तो पुलिस पहुंची और न ही राजस्व विभाग के कोई अधिकारी गांव पहुंची। यह पूरा मामला ग्राम पंचायत तरीघाट का हैं। जानकारी के मुताबिक यह पांचवीं मर्तबा है कि अतिक्रमण हटाएं जाने का निर्णय पुलिस और प्रशासन के सहयोग नहीं मिलने का कारण वापस लिया गया।

ग्राम पंचायत तरीघाट के सरपंच अशोक साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा गांव में एक शासकीय जमीन पर हुए अतिक्रमण हटाने शासन का आदेश भी हुआ है। साथ ही पंचायत प्रस्ताव भी लिया है। अतिक्रमण हटाने की तिथि निर्धारित होने के बाद इसकी सूचना पंचायत द्वारा पत्र लिखकर राजस्व विभाग के अधिकारियों सहित पुलिस विभाग को दिया गया था। शनिवार को ग्राम पंचायत में बैठकर अधिकारियों का इंतजार करते रहे। बताया जा रहा है कि जे सी बी भी बुला लिया गया था। शाम 4 बजे तक इंतजार करते रहे है लेकिन कोई नहीं पहुंचा। सरपंच श्री साहू ने बताया कि शनिवार के छुट्टी के दिन होने के बाद भी दो तहसीदार पाटन में काम कर रहे है। लेकिन पंचायत में हुए अतिक्रमण को हटाने में सहयोग करने नहीं पहुंचे।
बेदखली का नोटिस जारी किया गया
जिस अतिक्रमण को हटाने ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि लामबंद हुए है उसका मामला न्यायालय में भी चला है। जानकारी के मुताबिक अतिक्रमण करने वाले को बेदखली का नोटिस जारी किया गया है। लेकिन ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि इसे सिर्फ खाना पूर्ति ही मान रहे है। उन्होंने बताया अतिक्रमण के कारण सार्वजनिक विकास का कार्य अवरुद्ध हो रहा है।






