पंडरिया।नगर सहित ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में तापमान विगत सप्ताह भर से 44 से अधिक पहुंच गया है।जिसके चलते मानव के साथ वन्य जीव जंतु,पक्षी सहित सभी प्रभावित हो रहे हैं।ब्लाक मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर बदौरा के जंगलों में सैकड़ों की संख्या में मृत चमगादड़ मिले हैं।जिसमें कुछ का शव पेड़ों की टहनियों पर लटक रही है तथा अधिकांश जमीन पर पड़े हुए हैं।बदौरा में वन विभाग नर्सरी के पीछे पनिहा नाला के पास इन चमगादड़ मृत अवस्था मे पड़े हुए हैं तथा इनके पंख बिखरे हुए हैं।माना जा रहा है कि चमगादड़ो की मृत्यु हिट वेव के चलते हुई है।क्षेत्र में इन दिनों तामपान 44 से पार हो गया है।गर्म लू व ज्यादा तामपान के कारण इनकी मौत हुई है।वन विकास निगम के रेंजर जागेश कुमार गोंड ने बताया कि अधिक तापमान होने के कारण चमगादड़ों की मौत हुई होगी।उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर आगे की कार्यवाही करेंगे।

42 तक सहन कर सकते हैं चमगादड़-चमगादड़ एक ऐसा स्तनधारी पक्षी है जो ज्यादा तापमान सहन नहीं कर सकता है।ये 40cसे 42c तक तापमान सहन कर सकता है,इससे अधिक तापमान में ये चमगादड़ मरने लगते हैं।आम तौर पर चमगादड़ 30 वर्ष तक जीवित रह सकते हैं।लेकिन अब तापमान बढ़ने के कारण इनका जीवन संकट में है।
गर्मी बढ़ने पर जगह बदले थे, चमगादड़-जो चमगादड़ मृत अवस्था मे पाए गए हैं।वो करीब 10 दिन पहले वर्तमान स्थान से लगभग 300 मीटर दूर जीवित अवस्था मे देखे गए थे।वे पहले दूसरे जगह पर रहते थे।संभावना जताई जा रही है कि ठंडे स्थान की तलाश में ये चमगादड़ पनिहा नाला के किनारे स्थित पेड़ों पर आए हुए थे।किंतु यहां भी यह गर्म लू के थपेड़ों से नहीं बच पाए।ये चमगादड़ हजारों की संख्या में तीन-चार पेड़ों पर रहते थे।किंतु अभी एक भी चमगादड़ जीवित अवस्था मे दिखाई नहीं पड़ रहे हैं।माना जा रहा है कि सभी चमगादड़ो की मृत्यु हो चुकी है।
लगातार कटाई के कारण बढ़ रहा तापमान-चमगादड़ नगर में बढ़ते गर्मी के कारण अब जंगलों में शिफ्ट हो रहे थे।लेकिन अब इनके लिए जंगल भी सुरक्षित दिखाई नहीं पड़ रहा है।जंगलों में लगातार पेड़ों की कटाई के कारण अब तापमान बढ़ते जा रहा है।जंगलों में अब केवल चट्टान ही नजर आते हैं जो अत्यधिक गर्म हो रहे हैं।जिसका प्रभाव चमगादड़ सहित अन्य वन्य जीवो पर पड़ रहा है।






