पंडरिया-नगर में सत्ता परिवर्तन के साथ नगरवासी नगर विकास व अवैध कार्यों से मुक्ति के लिए नव निवार्चित विधायक भावना बोहरा से उम्मीद लगाए इंतजार कर रहे हैं।प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अब नगरवासी आश्वत हैं।


नगर व नगरवासी लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं व विकास को तरस रहे हैं।नगर में अनेक समस्याएं है।जिसमे हरिनाला में बाढ़ है,जिसमे छोटी पुलिया होने के कारण बरसात में बाढ़ के चलते आवागमन बंद हो जाता है,जिससे नगर सहित राहगीरों को परेशान होना पड़ता है।इसके साथ नगर में पानी निकासी के लिए किसी भी वार्ड में व्यावस्थित नाली नहीं है।जिसके चलते नालियों का पानी सड़क पर बहते रहता है।नगर का बस स्टैंड भी जर्जर स्थिति में है,जिसका उपयोग प्रसाधन तथा अवैध कार्यों के लिए किया जाता है।कोई भी यात्री गंदगी के चलते बस स्टैंड में नहीं रुकते हैं। नगर से हैदराबाद,इलाहाबाद,बनारस,कानपुर,आदि स्थानों के अन्तर्राज्यीय बस चलती है,लेकिन बस स्टैंड में किसी प्रकार सुविधा नहीं है।नगर में शिक्षा की स्थिति भी सही नहीं है।महाविद्यालय में कुछ प्राध्यापकों द्वारा ही शिक्षा व्यवस्था संचालित की जा रही है।नगर में सबसे बड़ी समस्या बाजार व मांस-मछली की दुकानों के स्थानांतरण की है।जो कोरोना काल से अव्यवस्थित चल रही है।नगर की सब्जी बाजार पुराने बाजार में ही संचालित हो रही है,जबकि लाखो रुपये खर्च कर बनाया गया नया बाजार मवेशी व शराबियों का अड्डा बना रहता है।जिसे लंबे समय से नए बाजार में शिफ्ट करने प्रयास किया जा रहा है,किन्तु राजनैतिक इच्छा शक्ति का अभाव व प्रशासनिक उदासीनता के चलते नए बाजार में शिफ्ट नहीं किया जा सका है।इसके अलावा कई अन्य समस्याएं नव निर्वाचित विधायक के लिए चुनौती होगी।
अवैध कार्यों पर रोक व कानून व्यवस्था चुनौती-नगर में चल रहे अवैध कार्यों पर रोक लगाना तथा कानून व्यवस्था बहाल करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य है।नगर में अनेक मोहल्लों में अवैध शराब खुले आम बिकती है,इसके साथ सट्टा व जुआ लंबे समय से संचालित हो रहा है।नगर विकास के लिए इस पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है।अपराध एवम अपराधियों पर कार्यवाही नहीं होने के कारण कानून व्यवस्था चौपट है।देखना होगा कि नए सरकार इस पर रोक लगा पाती है या परंपरा जारी रहेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की दरकार– नगर के अलावा ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में भी समस्याओं की भरमार है।गांवों में सड़क व्यवस्था पूरी तरह चौपट है,सड़क खराब होने के कारण गन्ना किसान गन्ना परिवहन नहीं कर पा रहे हैं।वहीं लोगों का आवागमन बाधित रहता है।इसके साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी ,स्वास्थ्य कर्मियों की कमी सहित मूलभूत सुविधाओं का अभाव है,जिसे भी पूरी करने की चुनौती नव निर्वाचित विधायक व सरकार पर रहेगी।






