पंडरिया : मिट्टी के बैलों में सजी संस्कृति, हरियाली में खिला पोला पर्व


पंडरिया-ब्लाक के शासकीय प्राथमिक शाला पौनी में प्रधानपाठक वासुदेव सिंह के नेतृत्व में “हमर संस्कृति हमर पहचान” अभियान के अंतर्गत पोला पर्व उत्साह एवं पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वयं बनाए गए मिट्टी के बैलों की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। विद्यालय की कक्षा को प्राकृतिक हरियाली एवं प्रकृति से जुड़ी सामग्री से आकर्षक रूप से सजाकर “प्रकृति श्रृंगार” का संदेश दिया गया।
प्रधानपाठक वासुदेव सिंह एवं शिक्षिका योगेश्वरी सिंह राजपूत ने बच्चों को पोला पर्व के कृषि, पशुधन, प्रकृति एवं छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति में महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में अपनी लोकपरंपराओं, संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान एवं संरक्षण की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। बच्चे हाथों से विभिन्न कलाकृति जैसे बैल , भैंसा , बैलगाड़ी, कड़ाही , चम्मच, चूल्हा , कोटना, दिया , घड़ा मिट्टी से बनाए ।सभी बालक बालिका की उपस्थिति में किया गया।