पंडरिया शिक्षा विभाग की अव्यवस्था नहीं हो रही दूर,कलेक्टर को पत्र लिखकर बीआरसी पंडरिया का प्रभार मांगा


पंडरिया।पंडरिया ब्लाक में शिक्षा विभाग पिछले दो महीने से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।दो महीने तक शासन व कोर्ट के आदेशानुसार बीईओ बदलते रहे।जिसमें बीईओ जीपी बनर्जी को कोर्ट से राहत दी गई।वहीं शासन द्वारा गठित कमेटी ने श्री बनर्जी के अभ्यावेदन को मान्य किया है।वहीं अभी शासन से नियुक्त बीईओ फिरोज खान को शासन ने किसी प्रकार का आदेश नहीं दिया है।एक ओर विकास खंड शिक्षा अधिकारी पंडरिया के पद को लेकर काफी दिनों तक विवाद की स्थिति निर्मित थी। वहीं पर पंडरिया बीआरसीसी के पद का भी आज तक कोई निराकरण नहीं किया गया है।

बीआरसीसी पद पर विवाद बनी हुई है
एक ओर राकेश चंद्रवंशी द्वारा बीआरसी होने का दावा करते हुए प्रभार नहीं दिया जा रहा है।ज्ञात हो कि राकेश चंद्रवंशी का स्थानन्तरण तीन महीने पूर्व किया जा चुका है।वहीं दूसरी ओर शासन के आदेश से कार्यभार ग्रहण कर चुके अर्जुन चंद्रवंशी को प्रभार के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है।पिछले तीन माह से पंडरिया खंड स्त्रोत कार्यालय में दो बीआरसीसी कार्यरत हैं।शासन द्वारा नियुक्त बीआरसीसी अर्जुन चंद्रवंशी ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की थी।जिसके सुनवाई क्रमांक अनुसार 2 सप्ताह के भीतर बीआरसी पंडरिया का प्रभार देने की बात कही है। इसी को लेकर लेकर 30 जनवरी को अर्जुन चंद्रवंशी ने कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा को पत्र लिखकर संबंधित से प्रभार मांगा है।उन सभी मामलों में उच्च अधिकारी या जनप्रतिधि मूकदर्शक की भूमिका में रहे।तीन महीने में मामले का निराकरण नहीं कर पाए।जिसके चलते जिले के शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हुई है,साथ ही सरकार के कार्यों पर भी सवाल उठ रहे हैं।यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जिले में किसी प्रकार की कानून का पालन नहीं किया जाता है,जिसकी लाठी उसकी भैंस की तर्ज पर कार्य हो रहा है।श्री चंद्रवंशी प्रभार के लिए करीब तीन महीने से इंतजार कर रहे हैं।बीआरसीसी के संबंध में पूछने पर बीईओ जीपी बनर्जी ने बताया कि उच्च कार्यालय के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी।
लेनदेन की चर्चा जोरों पर– जिले में कर्मचारियों का स्थानन्तरण हो अथवा किसी पद पर नियुक्ति हो।सभी मामलों में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठते रहे।शिक्षा विभाग,स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभाग में स्थानांतरित कर्मचारी कई महीने तक भटकते रहे वहीं बीईओ ,बीआरसीसी सहित कई पदों पर नियुक्ति में शासन की किरकिरी हुई है।जिसमे लोगों के बिच लेनदेन की खूब चर्चा हो रही है।