पंडरिया : ग्राम सरैहा के जलाशय का तटबंध टूटा,फसलों को हुआ नुकसान

पंडरिया।ब्लाक के ग्राम पंचायत खैराडोंगरी के आश्रित ग्राम सरैहा में एक जलाशय (बड़ा तालाब) जिसे सिचाई के लिए पंचायत द्वारा बनाया गया था।विगत दो दिन से लगातार बारिश के चलते इसका तटबंद टूट गया।इस जलाशय का क्षेत्रफल करीब 7 एकड़ का है।गांव फसलों के सिचाई हेतु 94-95 राजीव गांधी जल ग्रहण मिशन के तहत बना था।यह क्षेत्र वन विभाग से सटा हुआ है।जलाशय राजस्व क्षेत्र में निर्मित है।बताया जा रहा है कि जलाशय में तटबंध का निचला हिस्सा पहले से लीकेज था।जो बढ़ते हुए पूरे तटबंध को तोड़ दिया।


मछली पालन और सिचाई होती थी-उक्त बांधा में मछली पालन,सिचाई व निस्तारी का कार्य होता था।शारदा महिला स्वसहायता समूह द्वारा इसे मछली पालन के लिए लीज में लिया गया था।समूह द्वारा 1019 से 2027 तक लीज में लिया गया है।इसमें इस वर्ष डेढ़ क्विंटल मछली बीज डाला गया था,जो तटबंध टूटने के साथ खेतो में बह गया।सरपंच जनार्दन सिंह ठाकुर ने बताया कि गुरुवार सुबह कुछ लोगों ने तटबंध के निचले भाग में होल देखा था,जहां से पानी सीपेज हो रहा था।जो कुछ देर के ही तेजी से तटबंध को तोड़ दिया।समय रहते यहाँ मिट्टी भरा गया होता तो इसे टूटने से रोका जा सकता था।


वन विभाग की टीम पहुंची-जलाशय के टूटने की खबर मिलने पर वन विकास निगम की टीम पहुची तथा हुए नुकसान का जायजा लिया।बताया जा रहा है कि बांध के नजदीक के खेतों में फसलों को अधिक नुकसान हुआ है।करीब 15 से 20 एकड़ के फसल को अधिक क्षति होने की बात कही जा रही है।


7 वर्ष से नहीं हुई मरम्मत-जलाशय का मरम्मत पिछले 6-7 वर्षों से नहीं हुई है।इसका संचालन के लिए किसी विभाग को न ही बजट दिया गया और न ही जिम्मेदारी दी गई।सन 2017-18 में मरम्मत हेतु राशि प्रदान की गई थी।उसी समय पंचायत द्वारा मरम्मत की गई थी।उसके पश्चात मरम्मत नहीं हुई है।


मछली पकड़ते दिखे लोग-जलाशय के टूटते ही ग्रामीण बड़ी संख्या के मछली पकड़ने पहुंच गए।जलाशय में पिछले 5-6 वर्षों से मछली पालन का कार्य किया जा रहा है।जिसके चलते जलाशय में मछली पकड़ने बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए।


“पटवारी द्वारा फसलों के क्षति का सर्वे कराया जा रहा है ।करीब 7-8 किसानों के फसल नुकसान होने का अनुमान है।सर्वे के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।जिसके पश्चात मुआवजे की कार्यवाही की जाएगी : संजय कुमार मोध्या,तहसीलदार पंडरिया”