पंडरिया : पर्यावरण संरक्षण समिति के 8 वर्ष पूरे,बरगद के पौधा लगाकर किया मरम्मत कार्य… पौधारोपण व जल संरक्षण की अपील की

पंडरिया।नगर के पर्यावरण संरक्षण समिति ने बुधवार को समिति की स्थापना दिवस पर नगर के सामुदायिक भवन के पास पौधारोपण किया। साथ ही नगर में लगे के पौधे के ट्री गार्ड में सुधार कार्य किया गया।समिति ने पौधरोपण कार्य का 8 वर्ष पूर्ण कर 9 वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है।समिति ने 24 जून 2018 को नगर में पौधा लगाने का कार्य प्रारंभ किया गया था। समिति द्वारा पिछले 8 वर्षों में नगर में करीब 2800 से अधिक पौधे लगाए गए हैं,जिसमें से अधिकतर पौधे अब पेड़ का रूप ले चुके हैं।इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में सहयोगियों के साथ मिलकर 27000 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। समिति के मोहन राजपूत,अनुराग सिंह ठाकुर व गोविंद रजक ने बताया कि नगर के व्यापारी,कर्मचारी,जनसेवकों,जनप्रतिनिधि, नगरवासियों व क्षेत्रवासियोंबके सहयोग से यह कार्य लगातार सफलता पूर्वक सम्पन्न हो रहा है।नगर के अधिकतर लोग विभिन्न अवसरों पर समिति के साथ पौधारोपण करते हैं।उन्होंने बताया कि
सोसल मीडिय,प्रिंट मीडिया व अन्य साधनों से हमारे पर्यावरण समिति के कार्यो का लगातार प्रकाशन कर लोगों तक जानकारी पहुँचाई गई।जिसके परिणाम स्वरूप पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में लगातार जागरूकता बढ़ी है।मोहन सिंह ठाकुर,चंद्रप्रकाश राजपूत , राजू श्रीवास्तव ने बताया कि नगर के अलावा समिति के सदस्य ग्रामीण क्षेत्र में भी पौधारोपण कर लोगो को जागरूक बनाने का कार्य कर रही है।ब्लाक के ग्राम कुंडा,डोमसरा,नानापुरी,महली,पिपरखूँटी,चरखुरा,कुई,पांडातराई, अंधियार खोर,रुसे सहित अनेक गांवों में पौधारोपण का कार्य करते हैं।उन्होंने बताया कि समिति में 15 सदस्य हैं जो लगातार पर्यावरण संरक्षण का कार्य कर रहे हैं।
*विशेष अवसर व त्योहारों पर किया जाता है पौधारोपण*-पर्यावरण संरक्षण समिति दिवाली,ईद,दशहरा,होली,हरेली सहित सभी त्योहारों पर पौधारोपण करती है।साथ ही पेड़ बनने तक उसका संरक्षण का कार्य भी करती है।श्री राजपूत ने बताया कि नगरवासी अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगाँठ,स्मृति ,गृह प्रवेश सहित सभी विशेष अवसरों पर समिति के साथ पौधारोपण करते हैं।नगर के सभी वर्गों का सहयोग इस कार्य मे मिलता है।
*पौधारोपण व जल संरक्षण ली अपील*-समिति ने नगर सहित सभी लोगों से पौधारोपण करने तथा जल संरक्षण करने की अपील की है।उन्होंने बताया कि लगातार घटते भू जल को को रोकने के लिए पौधारोपण व बरसात के पानी को भूमि के भीतर पहुंचाने के लिए सोखता गड्ढा बनाने की जरूरत है।उन्होंने सभी लोगों से भूजल में वृद्धि हेतु वर्षा के जल को व्यर्थ न बहने से रोकने तथा वर्षा जल का संरक्षण कर आगामी समय मे जल संकट को दूर करने अपना योगदान प्रदान करने की बात कही है