पंडरिया : ठंड बढ़ने पर सुबह इस प्रकार झुंड में दिखे ग्रीन बी ईटर(पतरेंगा) पक्षी


पण्डरिया।पिछले दो तीन दिन से ठंड बढ़ी हुई है,जिसके कारण रविवार सुबह ग्रीन बी ईटर पक्षी ठंड दूर करने इस प्रकार झुंड में दिखाई दिए। नगर के आस -पास नदी-नालों खेतों तथा पोखरों में बड़ी संख्या में बी ईटर पतरिंगा पक्षी झुंड में नजर आने लगे हैं।

ठंड के कारण अभी इन्हें एक लड़ी के रूप में एक -दूसरे से सटे हुए देखा जा सकता है।ठंड दूर करने तथा एक दूसरे से गर्मी लेने के लिए ये एक-दूसरे से सटे हुए बैठे रहते हैं।ये दो दर्जन से अधिक की संख्या में इस प्रकार बैठे दिखाई देते हैं।पतरिंगा बहुत ही आकर्षक पक्षी है ,जिसका शरीर हरे रंग का होता है। चोंच लंबे व नीले रंग का होता है।पूंछ लंबी होती है तथा पीठ व सर का रंग सुनहरा होता है।इनका मुख्य भोजन मधुमक्खी है।

ये मधुमक्खी को खाने से पहले उसके डंक या जहर को बाहर कर देते हैं।मधुमक्खी के अलावा अन्य किट-पतंगे इनका भोजन है।इनका प्रजनन काल मार्च से जून तक होता है।ये एक बार मे 3 से 5 अंडे देते हैं। इसका वजन 20 से 25 ग्राम होती है।bee eater की कुल 27 प्रजातियां पाई जाती है।ये मुख्य रूप से एशिया व अफ्रीका महाद्वीप में पाया जाता है।यह खेत-खलियानों या नदी तालाब के आस-पास अधिक संख्या में होती है।
क्षेत्र में ब्लू टेल बी ईटर भी मौजूद-पण्डरिया क्षेत्र में ग्रीन बी ईटर के साथ ब्लू टेल ईटर भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।ये ग्रीन बी ईटर से बड़े आकार के होते हैं।इनके पूंछ का रंग नीले रंग का होता है।इनकी संख्या ग्रीन बी ईटर से कम है।इनके गले के पास का रंग गोल्डन होता है।


नदी -नालों के कगार पर बनाते हैं सुरंग-इनका घोसला अन्य पक्षियों से भिन्न होता है।ये इमारतों या पेड़ों की टहनियों पर अपना घरौंदा नहीं बनाते हैं।ये नदी -नाले के कगार पर सुरंग नुमा घोसला बनाते हैं।जो तीन फीट से अधिक गहराई की होती है।जहां ये अंडे देती है।अंडे से बच्चे निकलने तथा उड़ते तक इन सुरंगों में रहते हैं जिसके बाद ये घोसला छोड़ देते हैं।