पंडरिया : प्रशांत शुक्ला राष्ट्रपति सर्वोच्च वीरता पदक के लिए नामित,नगर व क्षेत्र में हर्ष


पंडरिया।नगर के प्रशान्त शुक्ला को नक्सली महत्वपूर्ण भूमिका के लिए राष्ट्रपति के सर्वोच्च वीरता पदक के लिए नामित की गया है।जिससे परिवार जनों,पंडरिया नगर के नागरिकों,सहपाठियों सहित सभी लोगों में हर्ष व्याप्त है।श्री शुक्ला कलपर हापटोला के ऐतिहासिक नक्सल मुठभेड़ में 29 नक्सलियों के एनकाउंटर में उन्हें पुरस्कृत किया जा रहा है।श्री शुक्ला शुरू से ही नगर के मेघावी छात्र रहे हैं।वर्तमान में श्री शुक्ला मुंगेली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ हैं।उनकी 12 वी तक की शिक्षा पंडरिया के सरकारी स्कूलों से हुई। कॉलेज वेटेरिनरी कॉलेज जबलपुर से हुई।


प्रथम चयन छत्तीसगढ़ की पहली psc से वाणिज्यिक कर निरीक्षक के पद पर 2005 से 2013 तक वाणिज्यिक कर विभाग में विभिन्न पद और स्थानों पर नियुक्ति रही।
2008 पीएससी जिसका रिजल्ट 2013 में घोषित हुआ के माध्यम से अक्टूबर 2013 से DSP पद से पुलिस विभाग में सेवा की शुरुआत हुई। राज्य पुलिस अकादमी से ट्रेनिंग उपरांत 1 वर्ष गरियाबंद, फिर 3 वर्ष तक पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुटरू जिला बीजापुर दुर्गम नक्सल इलाके में पोस्टिंग रही। उसके पश्चात CSP राजनांदगांव, एंटी करप्शन ब्यूरो , CID में पदस्थ रहे । 2021 में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रमोशन हुआ । जुलाई 2023 में नक्सल क्षेत्र कांकेर जिले के पखांजूर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पोस्टिंग हुई,तब बस्तर में नक्सल समस्या अपने चरम पर थी ।
16/4/2024 को कांकेर के छोटे बेठिया थाना अंतर्गत कलपर हिदुर के जंगलों ,जो अबूझमाड़ का भाग है वहां ऐतिहासिक नक्सल मुठभेड़ में 29 नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया।जो उस समय संख्या के हिसाब से पूरे देश का सबसे बड़ा एनकाउंटर था।जिसके लिए राष्ट्रपति द्वारा पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।