संजय साहू/अंडा। शिव महापुराण कथा आयोजक समिति एवं समस्त ग्रामवासी भरदा के सहयोग से हो रहा हैं। कथा वाचिका श्रीमती जयंती द्विवेदी जी ने बताया कि
शिव विवाह! भगवान शिव और पार्वती का विवाह एक पवित्र और प्रसिद्ध कथा है, जो हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखती है। यह कथा शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है, जो जीवन में संतुलन और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करती है।
कथा के अनुसार, पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर, शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। उनके विवाह की कथा में कई रोचक और भावपूर्ण प्रसंग हैं, जैसे कि शिव के भेष में आए भिक्षुक का आगमन, पार्वती की माता मेनका का संकोच, और अंत में शिव और पार्वती का विवाह। पुरोहित विजय यादव, भाविका यादव बैठे थे।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य आशा विक्की मिश्रा, पूर्व सभापति टिकेश्वरी लाल देशमुख, सरपंच भरदा सुनिता भारदीय, पूर्व सरपंच जयप्रकाश भारदीय, पूर्व सरपंच पोषण लाल ठाकुर,मुकेश भारदीय, निर्मल देशमुख, योगेंद्र भारदीय, डिलेश्वरी देशमुख, चंद्रिका देशमुख, लता देशमुख राजेश यादव नरेंद्र देशमुख, चंद्र कुमार देशमुख पेमीन सेन, बिसाल देशमुख सहित समस्त ग्रामवासी का विशेष सहयोग रहा।
कथा वाचिका श्रीमती जयंती द्विवेदी जी ने कहा शिव विवाह की कथा हमें प्रेम, समर्पण, और आत्म-त्याग के महत्व को सिखाती है। यह कथा हमें यह भी याद दिलाती है कि भगवान शिव और पार्वती का विवाह एक आदर्श विवाह है, जो प्रेम, समर्पण, और विश्वास पर आधारित है।







