पाटन लिपिक संघ का शक्ति प्रदर्शन: वेणु शिवारे के निलंबन के विरोध में दुर्ग DEO कार्यालय में सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी


पाटन/दुर्ग।
लिपिक वर्ग के अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा को लेकर सक्रिय लिपिक संघ पाटन ने जोरदार एकजुटता का प्रदर्शन किया। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय दुर्ग में बड़ी संख्या में लिपिक साथियों ने उपस्थित होकर न केवल अपनी आवाज बुलंद की, बल्कि प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी भी दी कि अन्याय के खिलाफ अब निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान “✊ लिपिक एकता जिंदाबाद” और “✊ अन्याय का हर हाल में विरोध होगा” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। उपस्थित कर्मचारियों के जोश और एकता ने यह संकेत दिया कि लिपिक वर्ग अब अपने अधिकारों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार है।
संघ के अध्यक्ष गोपेन्द्र चंद्राकर के नेतृत्व में लिपिकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भरर में कार्यरत सहायक ग्रेड-02 श्री वेणु कुमार शिवारे के निलंबन को अनुचित और तथ्यों के विपरीत बताया गया। संघ का कहना है कि सेवा पुस्तिका के संधारण एवं सत्यापन जैसे प्रक्रियात्मक विषय को आधार बनाकर निलंबन करना न्यायसंगत नहीं है।
वरिष्ठ लिपिक नेता श्री टिकेंद्र वर्मा ने कहा कि सेवा पुस्तिका का कार्य बहु-स्तरीय प्रक्रिया है, जिसमें कई औपचारिकताएं शामिल होती हैं। ऐसे में केवल इसी आधार पर कठोर कार्रवाई करना न केवल अव्यावहारिक है बल्कि अन्यायपूर्ण भी है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट में किसी कठोर कार्रवाई की अनुशंसा नहीं की गई थी और शिकायतकर्ता ने भी बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली थी। इसके बावजूद निलंबन किया जाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है, खासकर जब संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया।
संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय रायपुर के निर्देशों का हवाला देते हुए मांग की है कि मामले की पुनः समीक्षा कर श्री शिवारे को तत्काल बहाल किया जाए और पुनः उसी विद्यालय में पदस्थ किया जाए।
इस दौरान संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई, तो लिपिक वर्ग व्यापक और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बैठक में लिपिकों ने विभिन्न कार्यालयों में हो रहे हस्तक्षेप, मानसिक उत्पीड़न और प्रशासनिक दबाव जैसे मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री सुरेन्द्र साहू, श्री सुखेन्द्र चंद्राकर, श्री डी.आर. निर्मल, श्री कुलदीप, श्री पुरेंद्र बंछोर, श्री ईश्वरी कुर्रे, श्री शरद साहू, श्री लोमश ऋषि साहू, श्री खगेश कामडे, श्री बी.के. परगनिया, श्री उदित नारायण, श्री गिरीश साहू, श्री ओमप्रकाश यादव, श्री तुषार कामरे सहित अनेक लिपिकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष गोपेन्द्र चंद्राकर ने कहा,
“यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि हमारे सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
 संघ का संदेश:
✊ अब चुप्पी नहीं — निर्णायक संघर्ष होगा
✊ हम झुकेंगे नहीं — हम रुकेंगे नहीं
✊ अधिकारों से समझौता नहीं — हर हाल में न्याय होगा
✊ एकता हमारी ताकत — संघर्ष हमारी पहचान
 चेतावनी:
यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो चरणबद्ध और उग्र आंदोलन किया जाएगा।