पाटन।
जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत भरर इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पंचायत प्रतिनिधियों के सामने पूरा प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। एक साधारण से प्रभार दिलाने का मामला अब बड़ी चुनौती बन गया है।
❗ सचिव विहीन पंचायत, कामकाज ठप
ग्राम पंचायत भरर पिछले कुछ समय से सचिव विहीन है, जिसके कारण पंचायत का दैनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। शासन की योजनाएं कागजों में अटकी हैं और ज़मीन पर काम ठप पड़ा है। सबसे ज्यादा परेशानी आम ग्रामीणों और हितग्राहियों को उठानी पड़ रही है।
⚖️ प्रभार मिला, लेकिन कुर्सी नहीं
पंचायत सचिव महेंद्र साहू का स्थानांतरण भरर पंचायत में कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से उन्हें एकतरफा प्रभार भी सौंप दिया गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उन्हें पंचायत भवन में प्रवेश तक नहीं मिल पा रहा है।
पंचायत प्रतिनिधियों का विरोध
ग्राम पंचायत के सरपंच और पंच सचिव महेंद्र साहू का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, इस विरोध के पीछे कोई स्पष्ट या ठोस कारण सामने नहीं आ पाया है। बिना वजह विरोध के चलते स्थिति और अधिक जटिल होती जा रही है।
️ प्रशासन के लिए बनी चुनौती
अब यह मामला जनपद पंचायत पाटन के सीईओ के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। सचिव को उनका वैधानिक प्रभार दिलाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। लगातार प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं निकल पा रहा है।
❓ आखिर कब तक रहेगा ऐसा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक ग्राम पंचायत भरर सचिव विहीन रहेगा?
कब तक पंचायत के कार्य बाधित होते रहेंगे?
और कब तक हितग्राही योजनाएं ठप पड़ी रहेंगी?
यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका खामियाजा सीधे तौर पर गांव के विकास और आम जनता को भुगतना पड़ेगा।







