पाटन । ब्लॉक के ग्राम कुर्मीगुंडरा स्थित लक्ष्मी सागर तालाब में चल रहे जल सत्याग्रह के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि जल सत्याग्रह की पूर्व सूचना शासन-प्रशासन को दिए जाने के बावजूद आवश्यक एहतियाती इंतजाम नहीं किए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पिछले कई घंटों से तालाब के पानी में खड़े होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई है। यदि किसी आंदोलनकारी की तबीयत खराब होती है तो उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है।
आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी डॉक्टर या मेडिकल टीम की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। वहीं, लक्ष्मी सागर तालाब गहरा होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, लेकिन किसी भी प्रकार के गोताखोर या बचाव दल की तैनाती नहीं की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर पुलिस बल की संख्या काफी कम है और महिला आंदोलनकारियों की मौजूदगी के बावजूद केवल एक महिला पुलिसकर्मी दुर्ग से पहुंची है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं, जल सत्याग्रह लगातार जारी है और आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।






