पाटन: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में नाम कटने से ग्रामीणों में नाराजगी, सरपंचों ने जनपद सीईओ से की मुलाकात

पाटन। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से बाहर होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में नाराजगी देखने को मिल रही है। मंगलवार को आयोजित ग्राम सभाओं में कई पंचायतों में ऐसे परिवारों के नाम सामने आए, जिन्हें आवास की आवश्यकता होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं किया गया है। इसे लेकर सरपंचों ने जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया।

सरपंचों ने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं के दौरान पीएम आवास सर्वे सूची का वाचन किया गया। इस दौरान कई ऐसे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के नाम सूची में नहीं पाए गए, जिन्हें आवास की सख्त आवश्यकता है। इससे ग्रामीणों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

सरपंचों का कहना है कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसलिए छूटे हुए हितग्राहियों को भी योजना में शामिल करने की मांग की गई है। उन्होंने राज्य एवं केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिया जाए।

जनपद पंचायत पाटन के सीईओ ने सरपंचों को आश्वस्त किया कि जिन पात्र हितग्राहियों के नाम वर्तमान सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनकी जानकारी ग्राम सचिवों के माध्यम से जनपद कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि आवास प्लस की वेबसाइट एवं पोर्टल खुलने पर छूटे हुए पात्र परिवारों के नाम जोड़े जाएंगे तथा उन्हें भी योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

इस दौरान ग्राम पंचायत मटंग के सरपंच अमित हिरवानी, महकाखुर्द की सरपंच अर्चना यादव, औंरी की सरपंच कालिंद्री मानिकपुरी, खमरिया की सरपंच सोनिया थानेश्वर यदु, कौही की सरपंच लीना साहू तथा तरीघाट की सरपंच चंद्रिका साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सरपंचों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन द्वारा जल्द ही पात्र हितग्राहियों की सूची का पुनरीक्षण कर जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।