पाटन। पाटन ब्लॉक के ग्राम बोरिद में सरकारी अस्पताल से इलाज कराने के बाद घर लौटी एक गर्भवती महिला ने कुछ देर बाद बच्चे को जन्म दिया। बच्चे में धड़कन नहीं मिलने पर परिजन उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सरकारी अस्पताल में हुए इलाज को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला को बुधवार दोपहर इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। डॉ. कृष्ण कुमार डहरिया ने महिला का इलाज किया और सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। इसके बाद परिजन महिला को लेकर घर चले गए। घर पहुंचने के कुछ समय बाद महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई और उसने बच्चे को जन्म दिया।

जन्म के बाद बच्चे में धड़कन नहीं मिलने पर परिजन तत्काल उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि बच्चे की मौत संभवतः गर्भ में ही हो गई थी। हालांकि, इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों के बीच अस्पताल में गर्भवती महिला के इलाज और समय पर उचित चिकित्सकीय निर्णय को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। क्या बच्चे की मौत गर्भ में ही हो चुकी थी या अस्पताल से घर भेजे जाने के बाद स्थिति बिगड़ी, यह जांच का विषय है। मामले में अस्पताल खंड चिकित्सक अधिकारी डॉ बी कटौतियां ने बताया कि बच्चे को देखने से पता चल रहे है कि मौत पहले ही हो गया था।






