पाटन। नगर पंचायत पाटन के अध्यक्ष योगेश “निक्की” भाले, नेता प्रतिपक्ष आभाष दुबे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) हेमंत वर्मा एवं नगर पंचायत के इंजीनियर ने सोमवार को नगर के इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेडियम की जर्जर स्थिति और निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठे।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस इंडोर स्टेडियम की हालत कुछ ही वर्षों में खराब हो गई है। भवन में जगह-जगह दीवारों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जबकि फ्लोर उखड़ने लगा है। छत पर लगाई गई सीलिंग और लाइटें भी टूटकर नीचे गिर रही हैं, जिससे खिलाड़ियों और अन्य लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण भवन समय से पहले ही जर्जर होने लगा है। इसके अलावा स्टेडियम में रखे लाखों रुपये मूल्य के खेल उपकरण चोरी हो जाने की भी जानकारी सामने आई।

सबसे हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े प्रोजेक्ट का लोकार्पण होने के बावजूद आज तक भवन का स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया है। शाम होते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है। वर्तमान में केवल बैडमिंटन और कबड्डी कोर्ट का ही सीमित रूप से उपयोग हो रहा है, जबकि अन्य खेल गतिविधियां लगभग ठप पड़ी हैं।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नगर के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस आधुनिक स्टेडियम की ऐसी स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा स्टेडियम की शीघ्र मरम्मत कर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।






